हमारे बारे में

मीडियाटिक अनुसंधान, प्रकाशन एवं  संचार आदि के क्षेत्र में तेजी से बढ़ता हुआ संस्थान है। देशबन्धु  पत्र समूह के इस सहयोगी संस्थान की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई। मध्य भारत के अग्रणी और प्रतिष्ठित देशबंधु पत्र समूह की स्थापना  लब्ध प्रतिष्ठ पत्रकार श्री मायाराम सुरजन द्वारा रामनवमी, 17 अप्रैल 1959 के दिन की गई थी।  वर्तमान में देशबन्धु  एक साथ 7 स्थानों-  रायपुर, बिलासपुर, भोपाल, सागर, जबलपुर, सतना और नई दिल्ली से प्रकाशित हो रहा है। देशबन्धु का यूट्यूब समाचार  चैनल ‘डीबी लाइव’ अल्पावधि में ही भारी लोकप्रियता अर्जित कर चुका है| इसके अलावा सांध्य दैनिक ‘हाईवे चैनल’ का भी प्रकाशन रायपुर, जगदलपुर और बिलासपुर से देशबन्धु पत्र समूह द्वारा किया जाता है।

देशबन्धु समूह ने 1990 में ‘सन्दर्भ छत्तीसगढ़’ ग्रन्थ प्रकाशित किया और इस तरह एक नई शुरुआत की। छत्तीसगढ़ तब मध्यप्रदेश का ही एक महत्वपूर्ण लेकिन उपेक्षित हिस्सा था. सन्दर्भ छत्तीसगढ़ ने उसके इतिहास-भूगोल से लेकर उद्योग-व्यापार तक अलग-अलग पहलुओं को उजागर किया। इस ग्रन्थ  को मिले  सकारात्मक प्रतिसाद ने हमें  मध्यप्रदेश पर भी ऐसा ही सन्दर्भ ग्रन्थ तैयार करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह आया ‘सन्दर्भ मध्यप्रदेश’,जो पहले हिन्दी  और फिर अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया। म.प्र.राज्य लोकसेवा आयोग ने इस ग्रन्थ को पाठ्य पुस्तक (Text Book) की मान्यता प्रदान की।इसी  क्रम में ‘ छत्तीसगढ़ की जैव विविधता’ और  ‘छत्तीसगढ़ के मंदिर और तीर्थ’ नामक  पुस्तकों का प्रकाशन हुआ। मध्यप्रदेश महिला सन्दर्भ और मध्यप्रदेश सिक्ख सन्दर्भ जैसी पुस्तिकाओं से यह क्रम धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। सन 2012 में फिर मध्यप्रदेश महिला  सन्दर्भ  बिलकुल नए स्वरुप में आया। ‘स्वयंसिद्धा’ का नामक इस लघु ग्रन्थ का  लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव रहीं श्रीमती निर्मला बुच  के करकमलों से संपन्न हुआ|

हम सन्दर्भ पुस्तकों के साथ-साथ निर्देशिकाओं के प्रकाशन में भी सफल रहे हैं| इस कड़ी में पहली प्रस्तुति थी –हैलो डॉक्टर, जिसमें मध्यप्रदेश के लगभग सभी पंजीकृत चिकित्सकों व अस्पतालों का संपर्क विवरण दर्ज किया गया था| फिर हम ‘संपर्क रायपुर’ लेकर आये, जिसमें रायपुर के व्यवसायियों  व सार्वजनिक सेवाओं में सलंग्न व्यक्तियों का विवरण शामिल किया गया।  इसी कार्य को विस्तार देते हुए ‘हैलो सरकार’ प्रकाशित किया गया जिसमें मध्यप्रदेश शासन के सभी विभागों, सार्वजानिक उपक्रमों तथा संस्थानों में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों  का संपर्क विवरण दर्ज किया गया था।

हमारी यह यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर  तब पहुंची जब सहयोगी संस्थान के रूप में ‘मीडियाटिक’ अस्तित्व में आया| ‘मीडियाटिक’  के बैनर में  हम सबसे पहले ‘अद्वितीय मध्यप्रदेश’ के नाम से पर्यटन सन्दर्भ ग्रन्थ लेकर आए।  इसमें मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में स्थित  ज्ञात, अज्ञात अथवा अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों- चाहे वे प्राकृतिक हों, पुरातात्विक या ऐतिहासिक हों, धार्मिक या  सांस्कृतिक हों, का ज़िलेवार विवरण  1 हज़ार से भी अधिक पन्नों में समाहित है। ‘अद्वितीय मध्यप्रदेश’ देश भर में अपनी तरह का पहला और अकेला ग्रन्थ है।  पर्यटन,धरोहर एवं संस्कृति  सन्दर्भ की श्रंखला में हमारी अगली प्रस्तुति है ‘अतुलनीय छत्तीसगढ़।’ इस ग्रन्थ में भी छत्तीसगढ़ राज्य की लोक संस्कृति, शिल्प और तमाम छोटे-बड़े दर्शनीय स्थलों का ज़िलेवार विवरण लगभग 7 सौ पन्नों में दिया गया  है।

शोध एवं प्रकाशन की इस श्रृंखला  को आगे बढ़ाते हुए अब पाठकों के समक्ष मध्यप्रदेश की महिला शक्ति पर आधारित ‘डिजिटल मप्र महिला सन्दर्भ’ ‘स्वयंसिद्धा’ प्रस्तुत है ताकि इतिहास के पन्नों में कहीं खो चुकीं प्रदेश की महिलाओं से लेकर वर्तमान प्रतिभाओं की कड़ी जोड़कर भावी पीढ़ी को सुपुर्द किया जा सके और भविष्य में वे यह सिलसिला जारी रख सकें।

वेबसाईट के बारे में

सामाजिक विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के विस्तृत इतिहास से लेकर वर्तमान तक महिलाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। परिस्थितियां चाहे कैसी भी रही हों प्रदेश की महिलाओं ने समस्त चुनौतियों का सामना सदैव बढ़-चढ़कर किया है। इतिहास यह भी रेखांकित करता है कि महिलाओं ने सदैव अपनी नैसर्गिक ऊर्जा, क्षमता और दृढ़ता से विसंगत परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच के बलबूते पर अपनी प्रतिभा को सिद्ध किया है। मध्यप्रदेश के इतिहास के पन्नों पर रानी कमलापति एवं भोपाल की नवाब बेगमों के सहित ऐसी कई हस्तियों का नाम दर्ज हैं जिन्होंने इस भू भाग की दशा और दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहाँ तक कि मध्यपाषाण युग के प्राप्त अवशेषों के आधार पर कहा जाता है कि पहला भारतीय एक स्त्री थी जिसका जीवाश्म सीहोर ज़िले के एक गाँव हथनौरा से प्राप्त किया गया था। यह जीवाश्म नागपुर स्थित केंद्रीय संग्रहालय में रखा गया है।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए देशबन्धु पत्र समूह द्वारा कुछ वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश की नारी शक्ति पर केंद्रित पुस्तक ‘स्वयंसिद्धा’ का प्रकाशन किया गया था। इस पुस्तक का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेश की पहली महिला मुख्य सचिव रहीं श्रीमती निर्मला बुच के करकमलों से हुआ था। इस पुस्तक में इतिहास, सामाजिक, राजनैतिक, प्रशासनिक, खेल तथा मनोरंजन आदि के क्षेत्र में दर्ज प्रदेश की कद्दावर महिलाओं का लेखा-जोखा समाहित है। साथ ही वे तमाम बातें हैं जिनका सीधा ताल्लुक सूबे की आधी आबादी से है। उस समय इस पुस्तक को असाधारण सफलता प्राप्त हुई थी।

प्रस्तुत वेबसाइट उस पुस्तक का ही डिजिटल और विस्तृत रूपांतरण है। इसमें मध्यप्रदेश के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली और वर्तमान में सफलता के कीर्तिमान रचने वाली सशक्त महिलाओं से संबंधित विवरण नियमित रूप से दर्ज होंगे, चाहे वे किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हों। अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के संक्षिप्त परिचय भी यहाँ देखे जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ निश्चित अंतराल पर प्रदेश की विशिष्ट महिलाओं के ऑडियो-विजुअल साक्षात्कार भी यहाँ आप पाएंगे। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं एवं उनसे संबंधित सफलता की कहानियां केस हिस्ट्री सहित दर्ज करने की योजना है। महिलाओं के हित में काम करने वाली संस्थाओं और महिलाओं से जुड़े क़ानूनों की जानकारी भी आपको यहाँ मिलेगी।

संपादक

*इस वेबसाईट से सम्बंधित किसी भी विवाद के निपटारे के लिए न्याय क्षेत्र भोपाल ही होगा। *