डॉ स्वर्णलता ठन्ना

जन्म: 3 फरवरी, स्थान: राजोद जि. धार (म.प्र.). माता: श्रीमती अयोध्या ठन्ना, पिता: डॉ. मोहनलाल ठन्ना. जीवन साथी: श्री विष्णुप्रसाद नागर. संतान: पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए. (संस्कृत-हिन्दी),  पी.एच.डी., नेट, स्लेट,  आयुर्वेद रत्न, संगीत (मध्यमा). व्यवसाय: अध्यापन (सहायक प्राध्यापक). करियर यात्रा: बचपन से पढ़ने-लिखने का शौक रहा, 8 वर्ष की उम्र में पहली कविता का प्रकाशित इसके बाद निरंतर समाज से जुड़ी पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन होता रहा. पिताजी आयुर्वेद चिकित्सक हैं, उनके सेवाभाव से प्रेरित होकर आयुर्वेद रत्न की शिक्षा प्राप्त की. साथ ही कई वर्षों तक चिकित्सा कार्य से जुड़ी रही. स्वास्थ्य शिविरों में श्रेष्ठ चिकित्सा का प्रमाण पत्र प्राप्त किया. 2008 से अध्यापन क्षेत्र में प्रवेश किया. चार वर्ष स्कूल में अध्यापन कार्य के बाद महाविद्यालय में अतिथि विद्वान के रूप में पांच वर्ष का अनुभव लिया. वर्तमान में लोक सेवा आयोग से चयनित होकर महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर पदस्थ. शोध कार्य के साथ मालवी लोक संस्कृति और लोकगीतों पर भी कार्य कर रही हैं. उपलब्धियां/पुरस्कार: युवा प्रतिभा सम्मान 2014, एक्सीलेंट लेडी कॉंन्टेस्ट 2018,, डायमंड अवार्ड विनर (लेखन हेतु), विशिष्ट शिक्षा सम्मान. रुचियां: पढ़ना, पढ़ाना, सितार वादन, कविता लेखन एवं चित्रकला. अन्य जानकारी: दो काव्य संकलन प्रकाशित, (स्वर्ण सीपियां व स्नेह साकल्य), तृतीय संकलन “स्त्रीत्व संकलन” प्रकाशनाधीन. पता: 84, गुलमोहर कालोनी, गीता मंदिर के पास रतलाम मप्र. -01. ई-मेल: swarnad123@gmail.com

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