डॉ. सुशीला टाकभौरे

जन्म: 04 मार्च, स्थान: बानापुरा (म.प्र.). माता: श्रीमती पन्नाबाई घावरी, पिता: श्री रामप्रसाद घावरी. जीवन साथी: श्री सुन्दरलाल चुन्नीलाल टाकभौरे. संतान: पुत्र -01, पुत्री -03. शिक्षा: एम.ए. (हिन्दी साहित्य), एम.ए. (अम्बेडकर विचाराधारा), बी.एड., पी.एच.डी.(अज्ञेय के कथा साहित्य में नारी). व्यवसाय: प्रधानाध्यापिका पद से सेवानिवृत. करियर यात्रा: प्रारंभिक शिक्षा-बनापुरा सिवनी मालवा मध्यप्रदेश से, कुसुम महाविद्यालय बानपुर महाराष्ट्र से बी.ए. आर्ट्स, विवाह के बाद नागपुर महाराष्ट्र आगमन, हाईस्कूल में शिक्षक 1976 से 1986, 1986 से प्राध्यापक 2012 तक एस.के.पी. कॉलेज, कामठी. उपलब्धियां/पुरस्कार: लेखन-प्रकाशन, कविता संग्रह, कहानी संग्रह, नाटक एकांकी उपन्यास, आत्मकथा-शिकंजे का दर्द, आलोचना, समीक्षा- 25 पुस्तकें प्रकाशित. मध्यप्रदेश दलित साहित्य अकादमी उज्जैन म.प्र. द्वारा ‘यह तुम भी जानो’ काव्य संग्रह के लिए पुरस्कार (10000/-) तात्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित, उत्तरप्रदेश साहित्य अकादमी फर्रुखाबाद द्वारा पद्मश्री गुलाब बाई सम्मान, समन्वय हिमाचल संस्था गौराग्राम हि.प्र. द्वारा रानी रत्नकुमारी सम्मान, रमणिका फाउण्डेशन द्वारा सावित्री बाई फुले सम्मान एवं पुरस्कार, हिन्दी सेवा पुरस्कार 51,000/- महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा सम्मान. विदेश यात्रा: समकालीन साहित्य संस्था के अन्तर्राष्ट्रीय-राष्ट्रीय सम्मेलनों में उपस्थिति 2008 में दुबई/2006 में यू.के. लन्दन/2004 में श्रीलंका. रुचियां: लिखना, पढ़ना, भ्रमण-यात्राएं, जनसंपर्क, विचार-विनिमय, सेमिनार संगोष्ठी में चर्चा-विमर्श, शोषित-पीड़ित स्त्रियों की मुक्ति के लिए कार्य. अन्य जानकारी: अनेक रचनाएं स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित, कविता, कहानी, उपन्यास आत्मकथा एवं सम्पूर्ण लेखन पर देश के सभी राज्यों के विश्वविद्यालयों में शोधकार्य, अध्ययन एवं समीक्षात्मक पुस्तकों का प्रकाशन. पता: प्लॉट नं. 2, गोपाल नगर, नागपुर -22. ई-मेल: stakbhoure@gmail.com. वेब: sushilatakbhoure.com

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