श्रीमती उषा जायसवाल

जन्म: अगस्त, स्थान: प्रयागराज. माता: श्रीमती रमा देवी जायसवाल, पिता: श्री श्याम सुंदरलाल जायसवाल. जीवन साथी: श्री चंद्रप्रकाश जायसवाल. संतान: पुत्र -01, पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए. (हिंदी साहित्य), बी.एड. व्यवसाय: सेवानिवृत शिक्षिका. करियर यात्रा: 30 वर्ष तक शिक्षण कार्य (हिंदी शिक्षिका) में संलग्न रहकर प्रायोगिक क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल से 2002 में सेवानिवृत. साहित्यिक, सामाजिक, आध्यात्मिक संस्थाओं में योगदान एवं लेखन में निरंतर सेवारत. 200 से अधिक रचनाएं अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित तथा आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से प्रसारित. उपलब्धियां/पुरस्कार: म.प्र. लेखिका संघ द्वारा साहित्य श्री सम्मान, महिला चेतना मंच तथा नागरिक कल्याण समिति भोपाल द्वारा सम्मान, इंद्रबहादुर खरे स्मृति बाल मित्र सम्मान, पाथेय सम्मान, बाल साहित्य उत्कृष्ट लेखन सम्मान, महादेवी स्मृति सम्मान, मनमोहन मदारिया स्मृति सम्मान, सारस्वत सम्मान, चरण स्पर्श कहानी संग्रह के लिए म.प्र. शासन का राष्ट्रीय पुरस्कार, गजानन माधव मुक्तिबोध कथा पुरस्कार. संपादन – “सर्जना” (हिंदी लेखिका संघ की पत्रिका). प्रकाशन: कहानी संग्रह -1. “अपेक्षा”, 2. “अपना भया न कोय”, 3. “चरण स्पर्श”. काव्य संग्रह  1. “देहरी के पार”, 2. “आइना”, 3. “छंद प्रमाण”, 4. “नई किरण”, 5. “स्वर्णोतुंग”, 6. “समझो तो सही”, 7. “अपना-अपना मन”, 8. “एक कदम और”, 9. “उधगाह”. चार बाल साहित्य- 1. पेड़ की महानता, 2. नारियल का गर्व, 3. चमत्कारी सिक्का, 4. जीवन में स्वच्छता का महत्व. बीसवीं सदी की महिला कथाकारों की कहानियां (2010). कथा मध्यप्रदेश में कहानी “चरण स्पर्श”प्रकाशित (2017) तथा कथा भोपाल में कहानी “मखमल की नीली डिबिया”प्रकाशित (2021). प्रकाशनाधीन: “आंखे खुल गई” तथा “कहानी जिंदगी की”. विदेश यात्रा: मॉरीशस तथा लंदन की साहित्यिक यात्रा. रुचियां: लोगों से मिलना और स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर खिलाना. अन्य कोई जानकारी: अनेक साहित्यिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक कार्यशालाओं में भागीदारी. कवि सम्मेलनों एवं साहित्यिक विषयों में वक्तव्य. पता: 84, प्रिंस कॉलोनी, लोअर ईदगाह हिल्स, अंकुर नर्सिंग होम के पास, भोपाल -01

Facebook

Twitter

Instagram

Whatsapp