शुभदा रवींद्र मराठे

जन्म: 30 जुलाई, स्थान: रायपुर. माता: स्व. मृणालिनी मैराल, पिता: श्री प्र.दि. मैराल. जीवन साथी: श्री रवीन्द्र नरहर मराठे. संतान: पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए. (इंग्लिश-भोपाल यूनिवर्सिटी) (संगीत- खैरागढ़ यूनिवर्सिटी). व्यवसाय: शास्त्रीय गायिका. करियर यात्रा: वर्ष 1984 से 1999 तक पालघर महाराष्ट्र के सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय में अंग्रेजी विषय की प्राध्यापिका, वर्ष 2004 से 2007 तक इंदौर के एन.डी.पी.एस. एवं शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल में संगीत विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत, वर्ष 2008 से भास्कर समूह के सांस्कृतिक केंद्र ‘अभिव्यक्ति’ में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण, उसी दौरान इंदौर के सुखलिया क्षेत्र में ‘नादस्वरम्’ संगीत विद्यालय (यह विद्यालय अखिल भारतीय गांधर्व मंडळ, मिरज का परीक्षा केंद्र भी रहा) में प्रशिक्षण एवं प्रधानाचार्य पद पर सेवाएं दीं. विगत 7-8 वर्षों से कसरावद, जिला- खरगोन के समीप एक एन.जी.ओ. (जो नर्मदा तट पर बसे शाला त्यागी बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिये समर्पित) के विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत एवं संस्कृत स्त्रोत वाङ्मय एवं सुगम संगीत आदि का प्रशिक्षण तथा घर पर कुछ चुनिंदा विद्यार्थियों को पारंपरिक जयपुर घराने की तालीम देने का कार्य जारी. उपलब्धियां/पुरस्कार: सम्मान- संस्कार भारती गंगोत्री इकाई- इंदौर द्वारा सम्मान, लोक संस्कृति मंच- इंदौर द्वारा नाद योगी सम्मान आकाशवाणी की बी-हाई ग्रेड कलाकार. नियमित रूप से आकाशवाणी-मुंबई एवं वर्तमान में इंदौर केंद्र से शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रमों का प्रसारण, दूरदर्शन-मुंबई एवं इंदौर से कार्यक्रमों का प्रसारण. श्री राम चरित पर आधारित स्व. ल.ज. हर्षे रचित रचनाओं का संगीत निर्देशन एवं गायन मंचीय प्रस्तुति- ‘उद्भव’, भारत भवन-भोपाल, ‘उस्ताद रजब अली खाँ समारोह- देवास एवं  बनारस, श्री शनैश्चर जयंती महोत्सव, अखिल भारतीय संगीत समारोह- इंदौर, कर्नाटक संघ, माटुंगा, मुंबई, ‘स्वास’, ‘विरार’, ‘सुर-प्रभात’, अहमदाबाद क्रिएनारा  ग्रुप इत्यादि अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर सफल प्रस्तुतियां. ‘राम उसी ने पाया’ शीर्षक कार्यक्रम की भारत के अनेक शहरों में सफल प्रस्तुति. इंदौर के प्रसिद्ध संत एवं सद्गुरु पं. पू. नाना महाराज तराणेकर के जीवन पर आधारित ‘श्री गीत मार्तंड’  कार्यक्रम में गायन, मराठी में ‘ताटी चे अभंग’ (संत मुक्ताबाई रचित) का विवेचन एवं गायन. इन कार्यक्रमों की भारत के अनेक शहरों में सफल प्रस्तुतियां. विदेश यात्रा: हाँगकाँग. रुचियां: संगीत के अलावा आध्यात्मिक विषयों पर प्रवचन, संतों द्वारा रचित साहित्य पर आधारित सांगीतिक प्रस्तुतियां, संगीत-दिग्दर्शन. अन्य जानकारी: जयपुर अतरौली घराने की वरिष्ठ गायिका श्रीमती कुमुदिनी काटदरे से प्रदीर्घ प्रशिक्षण (ख्याल गायन). कुछ वर्ष इसी घराने की श्रीमती मंजिरी आलेगावकर से भी प्रशिक्षण. भोपाल के सुप्रसिद्ध ज्येष्ठ सारंगी वादक पद्मश्री स्व. उस्ताद अब्दुल लतीफ खाँ साहब से ठुमरी, दादरा, ग़ज़ल तथा उपशास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण. इंदौर की प्रसिद्ध नृत्यांगना स्व. सविता गोडबोले जी के साथ हाँगकाँग में नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुति, नृत्य नाटिकाओं में संगीत दिग्दर्शन/कथक में संगत गायन. पता: 507-श्रीनाथजी एक्जोटिका, स्नेहलतागंज, जेल रोड, इंदौर -07. ई-मेल: shubhadha307@gmail.com

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