विधु दुबे

सतना की विधु दुबे सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और चित्रकला का शौक रखती हैं, खासतौर पर ‘मंडला आर्ट’ इनका पसंदीदा क्षेत्र है। प्रस्तुत है उनके द्वारा बनाए गए कुछ चित्र।

  • ‘मंडला आर्ट’ के सभी प्रारूप वृताकार ही होते हैं। वृत के भीतर मनचाहे रंगों से विविध ज्यामितीय आकर चित्रित किये जाते हैं।
  • इन चित्रों में आमतौर पर एक केंद्र होता है जिसके गोलार्ध में विभिन्न प्रतीक और आकृतियाँ उकेरी जाती हैं।
  • इस आर्ट की विशेषता है कि इसका हर प्रारूप अंत में एक विशाल चक्र बनता है ।
  • यह कला ब्रह्माण्ड में निहित संतुलन को दर्शाता है। इस कला की उत्पत्ति बौद्ध काल में हुई।
  • इस कला में आकार और प्रारूप की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • वर्तमान में आकार एवं प्रारूप बनाने के लिए विशेष प्रकार के ‘कलम’ का इस्तेमाल किया जाता है। जिसके भीतर मनचाहे माध्यमों से रंग भरे जाते हैं।
  • विधु अपने चित्रों में वाटर, एक्रेलिक, गौचे जैसे सभी रंगों का प्रयोग करती हैं।