रस गागरी

अलग-अलग विधाओं में किया गया सृजन मानव जीवन को न केवल नीरस होने से बचाता है, बल्कि उसे अर्थपूर्ण भी बनाता है। प्रदेश की महिलाएं रसगागरी में अपनी प्रतिभा, अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकती हैं – चाहे वह कोई व्यंजन विधि हो या चित्रकारी, हस्तकला हो या गायन-वादन, कविता-कहानी हो या कोई उपयोगी आविष्कार।