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यूपीएससी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, धार की बेटियों ने मारी बाजी

यूपीएससी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, धार की बेटियों ने मारी बाजी

 

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यूपीएससी में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, धार की बेटियों ने मारी बाजी

भोपाल। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2021 का फाइनल रिजल्ट सोमवार को जारी किया गया। मध्य प्रदेश के भी कई कैंडिडेट्स ने यूपीएससी में सफलता का परचम लहराया है। इंदौर की अंजलि श्रोत्रीय, श्रृद्धा गोमे 60वीं रैंक, जबलपुर की मिनी शुक्ला 96वीं रैंक तथा धार की ट्विंकल जैन ने 138वीं रैंक, पाई है। भोपाल से 3 लड़कियों रिजु श्रीवास्तव 124वीं रैंक, लिपि नागाइच 140वीं रैंक तथा सोनाली परमार 187वीं रैंक का चयन हुआ है। श्रद्धा ने पहले प्रयास में, अनन्या ने दूसरी बार में वहीं धार की ट्विंकल जैन ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है।

• अंजलि श्रोत्रीय – 44वीं रैंक,  इंदौर

सेंट्रल बैंक में कार्यरत गोपुर कॉलोनी निवासी अनिल श्रोत्रिय की बेटी अंजलि ने यूपीएससी में 44वीं रैंक हासिल की है। अंजलि पिछली बार भी इंटरव्यू तक पहुंचकर सिर्फ 8 नंबर से रह गई थीं। एक दोस्त ने चुनौती दी, अगली परीक्षा 17वें ही दिन है, सफल होना संभव नहीं है। इसी को चुनौती मानकर तैयारी की। अंजलि ने बताया कि माता- पिता की सीख के कारण ही आज यहां पहुंच सकी हूँ। अंजलि को गीत- संगीत का शौक है। वे बच्चों की शिक्षा पर काम करना चाहती हैं।

• श्रद्धा गोमे – 60वीं रैंक, इंदौर

स्कीम नंबर 74 में रहने वाली 27 वर्षीय श्रद्धा गोमे ने पहले प्रयास में ही सफलता प्राप्त कर 60वीं रैंक पाई है। वह 2 साल से यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। श्रद्धा ने बैंगलोर के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया से लॉ की पढाई की है। इस दौरान 13 गोल्ड मैडल भी हासिल किए हैं। श्रद्धा के पिता रमेश गोमे ने 7 वर्ष पहले ही बेटी का मो. नंबर आईएएस श्रद्धा के नाम से सेव कर लिया था। एससी श्रेणी में श्रद्धा ने देश में दूसरी व एससी महिला में पहली रैंक हासिल की है। लॉ ग्रेजुएट श्रद्धा ने घर से ऑनलाइन तैयारी की। वे कहती हैं कि इंदौर से सीख सकते हैं कि कैसे राजनीतिक इच्छाशक्ति, जन सहयोग व प्रशासनिक कुशलता से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

• मिनी शुक्ला- 96वीं रैंक, जबलपुर

जबलपुर में पदस्थ बरगी सीएसपी आइपीएस प्रियंका शुक्ला की छोटी बहन मिनी शुक्ला ने यूपीएससी में 96वीं रैंक हासिल की है। ये मूलतः भिंड जिले की रहने वाली हैं। मिनी शुक्ला ने बताया कि उनकी प्रेरणा और गुरु उनकी बड़ी बहन है। हमेशा से ही वे अपनी बड़ी बहन को पढ़ते हुए देखा करती थी और यही वजह है कि अपनी बड़ी बहन के आईपीएस ऑफिसर बनने के बाद वे भी आईपीएस ऑफिसर बनना चाहती थी। मिनी ने नई दिल्ली में रहकर पढ़ाई की। यूपीएससी की तैयारी के दौरान पिता कृष्णकांत शुक्ला, मां सीमा शुक्ला और बहन ने मिनी का हौसला बढ़ाया।

• रिजु श्रीवास्तव – 124वीं रैंक, भोपाल

सेंट जोसफ कोएड स्कूल भोपाल से पासआउट और दिल्ली के श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट रिजु श्रीवास्तव ने यूपीएससी में 124वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता युगेन्द्र आर्या एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में सर्वे ऑफिसर और मम्मी शोभा श्रीवास्तव हाउस वाइफ हैं। रिजु का सिलेक्शन दूसरी बार में हुआ है। उन्होंने बीए ईकोनॉमिक्स ऑनर्स किया है। उनसे इंटरव्यू में पूछा भोपाल क्लीन एंड ग्रीन क्यों? उन्होंने जवाब दिया था कि पूर्व आईएएस एमएन बुच ने भोपाल की बहुत अच्छी प्लानिंग की।

• अनन्या अवस्थी – 135वीं रैंक, इंदौर

इंदौर की अनन्या अवस्थी की 135वीं रैंक आई है। अनन्या रिटायर्ड आईएएस आशुतोष अवस्थी की बेटी है। अनन्या ने स्कूली शिक्षा सत्य सांई विद्या विहार से पूरी की है जबकि लॉ की पढ़ाई NLIU भोपाल से पूरी की है। वहीं अनन्या ने यूपीएससी की तैयारी 4 माह दिल्ली में रहकर की है। इसके बाद उन्होंने इंदौर आकर ही एग्जाम की तैयारी की थी। वैसे तो अनन्या 2019 में ही यूपीएससी  क्लियर कर चुकी है, लेकिन तब उनकी रैंक 335वीं थी। यूपीएससी 335वीं रैंक लाने के बाद अनन्या को इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विसेज मिला था। फिलहाल अनन्या अभी लखनऊ के भारतीय रेल प्रबंध संस्थान में ट्रेनिंग ले रही है। अनन्या का कहना है पूरी मेहनत के साथ ही परिवार के सहयोग से यहां तक पहुंची हैं। अनन्या ने बताया कि 2017 से यूपीएसी की तैयारी कर रही हूं। यह मेरा चौथा अटैम्प्ट था। मैंने ज्यादातर घर से पढ़ाई की है।

• ट्विंकल जैन- 138वीं रैंक, धार

धार के इलेक्ट्रानिक उपकरण व्यवसाई दीपक जैन की 26 साल की पुत्री ट्विंकल जैन ने अपने आप के विश्वास के दम पर परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। लोक सेवा आयोग की परीक्षा में देशभर में 138वीं रैंक हासिल करने वाली ट्विंकल का कहना है कि हार्ड वर्क करने के साथ-साथ पढ़ाई और परीक्षा के लिए एक सही प्लानिंग व संकल्प की आवश्यकता है। तभी जाकर सफलता हासिल होती है। ट्विंकल ने 12वीं तक की पढ़ाई धार में की। उसके बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से बीकॉम ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। इसी दौरान वह चार्टर्ड अकाउंटेंट की भी तैयारी की थी। इसमें उन्होंने अपने दो पेपर क्लियर भी कर लिए थे। इस बीच उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया और पिछले तीन वर्षों से लगातार तैयारी में जुट गई और उन्हें सफलता मिली।

• लिपि नागाइच -140वीं रैंक, भोपाल

नूतन कॉलेज भोपाल की एमए फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं और आईईएचई से पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स किया है। खास बात यह है कि कॉलेज टाइम से ही उन्होंने यूपीएससी के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। पिता उमाशंकर नागाइच जवाहर बाल भवन में डायरेक्टर और मम्मी हाउस वाइफ हैं। रोजाना औसतन दस घंटे पढ़ाई की। उन विषयों का चयन किया जो यूजी-पीजी में लिए थे। इससे काफी सपोर्ट मिला।

• सोनाली परमार- 187वीं रैंक, भोपाल

सोनाली परमार ने 187वीं रैंक हासिल की। उन्होंने पहली बार में ही सफलता पाई। सोनाली ने बताया कि रोजाना उन्होंने आठ-दस घंटे पढ़ाई की। आईएएस प्रीति मैथिल से उन्हें लगातार गाइडेंस मिलता रहा। सोनाली के पिता राजेंद्र परमार और मम्मी अर्चना परमार दोनों ही एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। उनकी स्कूलिंग सेंट जोसफ कान्वेंट स्कूल से हुई। उन्होंने बताया एग्रीकल्चर कॉलेज जबलपुर से उन्होंने ग्रेजुएशन किया था। ऑप्शन सब्जेक्ट भी एग्रीकल्चर था।

संदर्भ स्रोत – ईटीवी, भास्कर, नई दुनिया, पत्रिका

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