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खेलो इंडिया यूथ गेम्स- भोपाल की प्रियांशी ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल

खेलो इंडिया यूथ गेम्स- भोपाल की प्रियांशी ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल

छाया: दिशा न्यूज़ इंडिया

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खेलो इंडिया यूथ गेम्स- भोपाल की प्रियांशी ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड मेडल

पिता और बहन दोनों नेशनल लेवल के पहलवान, प्रियांशी ने घर में सीखे दांव-पेंच

भोपाल। म.प्र. कुश्ती अकादमी भोपाल की युवा पहलवान प्रियांशी प्रजापत ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स पंचकूला में गाेल्ड जीता। यह उनका खेलो इंडिया में दूसरा और नेशनल में 11वां मेडल है। वह 2019 खेलो इंडिया में भी मप्र के लिए गोल्ड जीत चुकी हैं। प्रियांशी की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियो से इसलिए अलग करती है क्योंकि उन्हें इस खेल की ट्रेनिंग लेने कहीं और नहीं जाना पड़ा। उन्हें बचपन से ही घर में कुश्ती के दांवपेंच सीखने को मिल गए थे। उनके पिता मुकेश प्रजापत और बड़ी बहन मुकुर प्रजापत नेशनल लेवल के पहलवान हैं। उन्हीं को देखकर प्रियांशी ने भी कुश्ती ही चुनी। उनके पिता भी चाहते थे कि प्रियांशी भी पहलवान ही बने, इसलिए जब वह 11-12 साल की थीं तभी उन्हें उज्जैन के माधव व्यायाम शाला में दाखिला दिला दिया गया था। वहां पर उन्होंने तीन साल तक दांव-पेंच सीखे और 2018 में स्कूल नेशनल के लिए चयनित हो गई। वहां पर उन्होंने पहले ही टूर्नामेंट में गोल्ड जीत लिया था। इसी बीच उनका चयन मप्र कुश्ती अकादमी में हो गया।

• अगला लक्ष्य वर्ल्ड कुश्ती के लिए क्वालिफाई करना

मप्र अकादमी मे आने के बाद उन्होंने स्कूल नेशनल और उसी साल खेलो इंडिया यूथ गेम्स में भी गोल्ड जीता। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन एशियन चैंपियनशिप के लिए हो गया, लेकिन वहां पर कोई पोजीशन नहीं लगी। कोविड से दो-ढाई साल की ट्रेनिंग बर्बाद होने के बाद प्रियांशी ने कुछ दिन पहले एशियन कुश्ती के लिए ट्रायल दिया, लेकिन वहां पर वह एक पाइंट से हार गई। लेकिन उसकी कसर खेलो इंडिया में गोल्ड जीतकर पूरी कर दी है। प्रियांशी अब अगले माह वर्ल्ड कुश्ती की ट्रायल पर फाेकस कर रही हैं। वह कहती हैं कि मैं इसके लिए अपना 100 प्रतिशत दूंगी।

• 5 लाख मिलते हैं खेलो इंडिया में गोल्ड जीतने पर

खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड जीतने पर अगले पांच साल तक 10-10 हजार रुपए महीने मिलते हैं। यह पैसा केंद्रीय खेल मंत्रालय खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और डाइट्स के लिए देता है। इसी के साथ खिलाड़ी खेलो इंडिया के देश के किसी भी सेंटर में ट्रेनिंग भी ले सकता है। लेकिन प्रियांशी मप्र कुश्ती अकादमी में मौजूद सुविधाओं को किसी भी ट्रेनिंग सेंटर से सबसे ऊपर रखती है।

संदर्भ स्रोत –दैनिक भास्कर 

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