बंदना कुमारी

जन्म: 2 जनवरी. स्थान: खगौल (पटना). माता: श्रीमती दुर्गावती देवी, पिता: श्री राम कियाहोरे प्रसाद. जीवन साथी: श्री धर्मेंद्र कुमार. संतान: पुत्री -01. व्यवसाय: स्वतंत्र कलाकार. शिक्षा: स्नातक (फाइन आर्ट्स)  कला और शिल्प महाविद्यालय, पटना. उपलब्धियां/पुरस्कार: संस्कृति मंत्रालय मानव संसाधन विकास भारत सरकार द्वारा स्कालरशिप (2011), सीसीआरटी (सांस्कृतिक संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र) द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में फ़ेलोशिप (2018). सम्मान- महुआ आर्ट गैलरी और एचके केजरीवाल फाउंडेशन द्वारा एचके केजरीवाल यंग आर्टिस्ट अवार्ड बंगलुरु (2018), प्रफुल्ल दाहुनकर आर्ट फाउंडेशन एम.पी. स्टेट अवार्ड (2017-18). प्रदर्शनियां – अंतर्राष्ट्रीय -आर्ट रेजीडेंसी (रूस), कला रेजीडेंसी (स्वीडन-यूरोप), कला शिविर थिंपू (भूटान), कला प्रदर्शनी (दुबई).  अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी, भारत भवन भोपाल भारत (2016), आसियाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी कोरिया (2016). एकल शो – प्राकृत आर्ट गैलरी-चेन्नई (2015), मैग्नोलियास क्लब और अप्पाराव गैलरी- डीएलएफ गुड़गांव (2017), हिडन एस्पेक्ट-अप्पाराव गैलरी @ लोधी नई दिल्ली (2017). सामूहिक – तक्षशिला आर्ट गैलरी –पटना (2008, 2009, 2010), संभावना आर्ट पटना (2011), शिमीषा आर्ट एग्जीबिशन- भारत भवन भोपाल (2012), आर्ट मार्ट खजुराहो कला महोत्सव (2012, 2015), शिमीषा आर्ट एग्जीबिशन-बड़ौदा (2013), स्वराज भवन-भोपाल (2013), आर्ट एंड कल्चर –पणजी, गोवा (2013), विमेन ऑफ़ सब्सटेंस, प्राकृत आर्ट गैलरी-चैन्नई (2014), कला मंगल आर्ट एग्जीबिशन, ललित कला अकादमी-पटना (2014), डिवाइन आर्ट गैलरी एंड आर्ट सोल, इंडिया हैबिटेट सेंटर नई दिल्ली (2014, 2015), रूफ टॉप आर्ट गैलरी-भोपाल (2015), सांची आर्ट एग्जीबिशन, आईसीसीआर आर्ट गैलरी-भोपाल (2015), कृष्णा आर्ट बंगलुरु (2015), कला केंद्र मुंबई (2016), ग्रुप शो, बजाज आर्ट गैलरी-मुंबई (2017), रिडल ऑफ़ कलर्स, क्रिसला आर्ट्स ताज वेस्ट एंड बंगलुरु (2017), आर्ट एग्जीबिशन,आईटीएम यूनिवर्स, एमएसयू वडोदरा (2017), बोध गया बिएननेल गया बिहार (2018), सेव द टाइगर ताओ आर्ट गैलरी मुंबई  (2019), व्हाइट कैनवस आर्ट गैलरी जयपुर (2019), महुआ आर्ट गैलरी बैंगलोर (2019), मॉर्डन आर्ट गैलरी नई दिल्ली (2019), जहांगीर आर्ट गैलरी मुंबई (2019), आईसीए आर्ट गैलरी जयपुर (2019), रूपभ, भारत भवन भोपाल (2020), आर्ट स्केप एन याह आर्ट गैलरी नई दिल्ली (2020), मिस्टिकल ह्यूज, क्रिसला आर्ट्स, ताज वेस्ट एंड बंगलुरु (2020), मॉर्डन आर्ट गैलरी-भोपाल (2020), ताओ आर्ट गैलरी मुंबई (2021), कादरी आर्ट गैलरी हैदराबाद (2021), स्मरण 2021 द्रुपद संस्थान भोपाल (2021). कलाकृतियां चयनित – अबीर फर्स्ट टेक अहमदाबाद (2016), मिस इंडिया आर्टिस्ट कॉन्टेस्ट मुंबई (2018), टैगोर इन्टरनेशनल आर्ट एंड लिटरेचर फेस्टिवल भोपाल (2019), अकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट –कोलकाता (2016), नेशनल ललित कला अकादमी, यूपी, लखनऊ (2016), बिहार स्टेट एग्जीबिशन पटना (2015), ललित कला अकादमी नई दिल्ली (2013, 2014, 2015, 2017), यंग क्रिएटिव माइंड, कनोरिया आर्ट सेंटर, अहमदाबाद (2014), कैमेलिन आर्ट फाउंडेशन मुंबई (2014),  ललित कला अकादमी लखनऊ (2013), साउथ सेंटर जोन-नागपुर (2012), लोकमान्य तिलक पुणे (2013), ऑल इंडिया फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट सोसायटी नई दिल्ली (2015,2013,2012,2011), धूमिमल स्कालरशिप पेंटिंग कॉम्पटीशन, नई दिल्ली (2012), कैमलिन इंडिया लिमिटेड जैमिनी रॉय गैलरी कोलकाता (2010) आदि. संग्रह- प्राकृत आर्ट गैलरी-चेन्नई, आर्ट हार्ट-मुंबई, आईटीएम यूनिवर्सिटी- बड़ौदा और ग्वालियर, कला पेन्ज़ा रूस, टेलस आर्ट- स्वीडन, गैलरी वन- गुड़गांव, यूनाइटेड कलर्स ऑफ बेनेटोन, ललित कला अकादमी- नई दिल्ली, जेनेसिस ग्लोबल स्कूल-नोएडा, लोकलोरे-उदयपुर, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ट्रस्ट –बारामती, नार्थ सेंटर जोन कल्चर सेंटर – इलाहाबाद, वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर – उदयपुर, डी.पी. धार मेमोरियल ट्रस्ट श्रीनगर, आयकर विभाग पटना, ललित कला अकादमी रीज़नल सेंटर- ओडिशा आदि स्थानों पर कलाकृतियाँ संग्रहीत. पेंटिंग नीलामी- ऑक्शन हाउस चेन्नई (2015). प्रकाशन- मराठी पत्रिका के खेल मिथक विशेषांक (जुलाई 2019), द ब्लू लोटस इंटरनेशनल आर्ट मैगज़ीन, आज कल साहित्य और संस्कृति (पत्रिका सरकार भारत, जून 2019), कार्वी प्राइवेट वेल्थ वैंटेज मैगज़ीन वॉल्यूम 03 (मई 2019), एआई आर्ट्स इलस्ट्रेटेड सब कवर पेज (वॉल्यूम 06), बीआई मंथली आर्ट्स एंड डिज़ाइन मैगज़ीन (अप्रैल-मई 2019), आर्ट्स इलस्ट्रेटेड मैगज़ीन (फरवरी-मार्च-2015), जर्नल ऑफ क्रिएटिव आर्ट्स एंड माइंड्स, वॉल्यूम -3, (जून-जुलाई यूएसए-2017) अंक में पेंटिंग्स शामिल. विदेश यात्रा: दुबई, भूटान, रूस, स्वीडन. रुचियां: किताबें पढ़ना, कुकिंग. अन्य जानकारी: इनके चित्रों में न केवल पशु पक्षी बल्कि पेड़-पौधे, फूल आदि प्राकृतिक चीजों का समावेश होता है. स्त्री मानवीय आकृतियों में ऐसी चीजों का अलंकरण है, जो स्त्री के स्वभाव को दर्शाता है जैसे फूल, अंगूर, मछली, चांद, सितारे, गिलहरी, तितलियां, खरगोश, हिरण, लोमड़ी, शेरनी, पेड़-पौधों की लताएं इत्यादि एवं पुरुष मानवीय आकृतियों में शेर, भालू, घोड़ा, हाथी, चीता, सांड, बादल, पेड़-पौधे की टहनियाँ इत्यादि पुरुष के स्वभाव को दर्शाते हैं. बंदना मानती हैं कि प्रकृति में जो कुछ है वही इंसान के शरीर में भी है. पता: 3/27, प्रोफेसर कॉलोनी, जैन मंदिर के पास, भोपाल, म.प्र. -02. ई-मेल: bandanakumari02@gmail.com

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