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पापा

पापा

रस गागरी
साहित्य वीथिका
कविता

पापा

डा.वर्षा चौबे, भोपाल

आज पितृदिवस है

पर याद रहते हैं

रोज पापा।

 

आपकी दी सीख, समर्पण

त्याग, ईमानदारी

देती है हौसला सबको

साथ ले चलने की।

 

आपका मेहनती, जुझारू

प्रभावशाली धवल चरित्र

हमें देता है प्रेरणा

निरंतर आगे बढ़ने की।

 

आपका आत्मविश्वास व

दृढ़ स्वाभिमानी प्रवृत्ति

नहीं देती सलाह गलत

राह चुनने की।

 

आपका मिलनसार,

खुशमिजाज व्यक्तित्व

भर देता है उर्जा

हममें जीवन की।

 
  
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