निवेदिता पंड्या

जन्म: 22 जुलाई, स्थान: इंदौर. माता: श्रीमती सुनीता पंड्या, पिता: श्री शिव कुमार पंड्या. शिक्षा: एम.ए. (कथक), स्वर्ण पदक, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय-इंदौर, कथक विशारद-गन्धर्व संगीत महाविद्यालय (मुंबई मंडल), कथक नृत्य में शोध कार्य (अध्ययनरत), व्यवसाय: नृत्यांगना (कथक). करियर यात्रा: लोकमान्य विद्या निकेतन स्कूल इंदौर में वर्ष 2013 से वर्ष 2014 तक नृत्य शिक्षिका, खालसा कॉलेज इंदौर में वर्ष 2015 से वर्ष 2016 तक अतिथि विद्वान तथा वर्ष 2020-21 में शासकीय संगीत महाविद्यालय इंदौर में अतिथि विद्वान के पद पर कार्य किया. उपलब्धियां/सम्मान: भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय दिल्ली द्वारा कथक नृत्य में राष्ट्रीय युवा छात्रवृत्ति प्राप्त, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में राज्यपाल द्वारा एम.ए. (कथक) में स्वर्ण पदक प्राप्त, बाबा आज़मी द्वारा निर्देशित टेलीविजन धारावाहिक ‘ये कहाँ आ गये हम’ में अभिनय, सेंट्रल जोन युवा महोत्सव, हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय में प्रस्तुति तथा प्रथम स्थान (2012-13), राष्ट्रीय युवा उत्सव कोलकाता में प्रस्तुति तथा द्वितीय स्थान प्राप्त, हरिहर आश्रम हरिद्वार में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज द्वारा सम्मान, पद्म भूषण एवं पद्मश्री गोकुलोत्सव महाराज जी द्वारा राधा अष्टमी के उपलक्ष पर कथक नृत्य के लिए सम्मानित, महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद सरस्वती महाराज द्वारा कथक नृत्य के लिए सम्मानित. मंचीय प्रस्तुतियां– विरासत महोत्सव- देहरादून, विष्णु नारायण भातखंडे संगीत समारोह- मैहर, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय द्वारा आयोजित ‘गमक’ श्रृंखला, अरविन्दो सोसायटी (पॉण्डिचेरी), राष्ट्रीय युवा उत्सव-वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय तिरुपति बालाजी, पद्मश्री प्रताप पवार तथा गुरु डॉ. सुचित्रा हरमलकर जी के साथ देशभर के अनेक प्रतिष्ठित मंचों (नृत्य महोत्सव-कटनी, भारत पर्व-खंडवा, मांडू उत्सव, निमाड़ उत्सव, अंतरराष्ट्रीय नदी महोत्सव, मध्यप्रदेश उत्सव, खजुराहो उत्सव, रविन्द्र नाट्य मंदिर मुंबई, ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, युवा महोत्सव आदि) पर कथक तथा नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुतियां. इंदौर, चेन्नई, मुंबई, कोयम्बटूर, दिल्ली, नागपुर, होशंगाबाद, नासिक, देहरादून, असम सहित देश के प्रतिष्ठित मंचों पर नृत्य कला का प्रदर्शन. रुचियां: नृत्य, अभिनय, चित्रकला, संगीत, कविता लेखन, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, नृत्य प्रशिक्षण देना आदि. अन्य जानकारी: 5 वर्ष की आयु से कथक नृत्य में रुझान. विगत 23 वर्षों से गुरु डॉ. सुचित्रा हरमलकर जी से रायगढ़ घराने में कथक नृत्य की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. 8 वर्षों तक हृदय रोगी बच्चों के सहायतार्थ देश भर में मंच प्रस्तुतियां. हरिद्वार तथा इलाहाबाद में अर्धकुंभ के अवसर पर प.पूज्य अन्ना महाराज एवं जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज द्वारा विशेष आमंत्रण तथा उनके समक्ष कथक प्रस्तुति, बांसुरी वादक पं. हरिप्रसाद चौरसिया जी, भरतनाट्यम नृत्यांगना हेमा मालिनी के समक्ष नृत्य प्रस्तुति. समाज सेवा प्रकोष्ठ में 2 वर्ष तक नृत्य प्रशिक्षण. पता: 28-ए, सिल्वर ओर्क कॉलोनी, इंदौर -08. ई-मेल: niveditapandya1530@gmail.com

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