डॉ. सुजाता मिश्र

जन्म: 30 जून, स्थान: दिल्ली. माता: श्रीमती डॉ. अन्नपूर्णा मिश्र, पिता: प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज. जीवन साथी: श्री माधव चंद्र. शिक्षा: दिल्ली से विद्यालयीन शिक्षा प्राप्त करने के बाद  हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी ऑनर्स में स्नातक, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध आलोचक आचार्य विनय मोहन शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर शोध कार्य किया. व्यवसाय: व्याख्याता. करियर यात्रा: वर्ष 2012 से 2013 तक ग्वालियर स्थित सिंधिया कन्या विद्यालय में बतौर हिंदी शिक्षिका काम किया, तत्पश्चात दिल्ली के एक प्रकाशन संस्थान में बतौर संपादक और कंटेंट राइटर काम किया. इस दौरान स्कूली विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित हिंदी, इतिहास तथा विज्ञान (हिंदी माध्यम) की सहायक पुस्तकें तैयार की. वर्ष 2019 से 2020 तक बीटीआईई, सागर में हिंदी व्याख्याता रहीं. वर्तमान में व्याख्याता हिन्दी (अतिथि) हिन्दी विभाग डॉ. हरिसिंह गौर वि.वि. सागर में सेवाएं जारी. मध्यप्रदेश से प्रकाशित देशबन्धु, नईदुनिया आचरण समाचार पत्रों सहित, बिहार से प्रकाशित ‘बिहार टुडे’ तथा दिल्ली से प्रकाशित न्यूज़ ग्राउंड मासिक पत्रिका के लिये समसामयिक राजनीतिक विषयों सहित ऐतिहासिक विषयों पर नियमित तौर पर शोधपरक लेखन. सुप्रसिद्ध साहित्यिक वेबसाईट ‘शब्दांकन डॉट कॉम’, प्रवक्ता डॉट कॉम’ तथा ‘मेकिंग इंडिया डॉट कॉम’ के लिये शोधपरक-समसामयिक लेख नियमित प्रकाशित. आकाशवाणी सागर से वार्ता प्रस्तुति- विषय जयशंकर प्रसाद व्यक्तित्व एवं कृतित्व. साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश की क्षेत्रीय इकाई पाठक मंच (सागर) द्वारा अनेकों बार पुस्तक समीक्षा की प्रस्तुति. प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय स्तर के अनेक सेमिनार/कांफ्रेंस में शोध आलेख प्रस्तुति. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- आचार्य विनय मोहन शर्मा एवं उनका साहित्यिक अवदान (विश्वविद्यालय प्रकाशन, सागर म.प्र). नगीना, निगाहें और बंजारन जैसी सुपरहिट फिल्मों में स्क्रिप्ट राइटर, जगमोहन कपूर के उपन्यास ‘मलंगी’ का संपादन, दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी अकादमी द्वारा आयोजित साहित्यिक गीत प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार, विद्यालयीन शिक्षा के दौरान मेधावी छात्रवृत्ति पुरस्कार, आचार्य विनय मोहन शर्मा के व्यक्तित्व एवं सम्पूर्ण कृतित्व पर देशभर में प्रथम शोध. ‘ये है बुन्देलखंड’ डॉ. लक्ष्मी पांडेय द्वारा सम्पादित 4 खंड की पुस्तक में ‘बुन्देलखंड की छावनियों’ पर विस्तृत शोधपरक लेख में योगदान। अन्य जानकारी: सचिव- राष्ट्रीय महिला काव्य मंच, सागर इकाई, भारत सरकार की ‘एक भारत – श्रेष्ठ भारत’ योजना के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय में 26 फरवरी 2021 का बतौर मुख्य वक्ता मप्र तथा नागालैंड की छात्राओं को संबोधित किया. शासकीय स्वशासी कन्या स्नातकोत्तर उत्कृष्टता महाविद्यालय सागर में संचालित सर्टिफिकेट कोर्स ‘महिला सशक्तिकरण’ में ‘महिला सशक्तिकरण चुनौतियां और समाधान’ विषय पर बतौर वक्ता ऑनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत. मप्र साहित्य अकादमी के पाठक मंच, सागर द्वारा आयोजित पुस्तक ‘कुमुद पंचरवाली’ के लोकार्पण समारोह में बतौर समीक्षक उपस्थित. यूट्यूब चैनल ‘प्रधाननामा’ की युवा साहित्यकारों पर आधारित श्रृंखला ‘साहित्य सारथी’ के लिए वार्ताकार के साथ अपने रचनाकर्म पर वार्ता प्रस्तुति. रुचियां: लेखन, पाठन, संगीत (की बोर्ड/पियानो). पता: सी -50, प्रो. कॉलोनी, रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल के आगे, डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर -03. ई-मेल: sujata0630@gmail.com. वेब: dr.sujatamishra.com

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