डॉ. सरोज गुप्ता

जन्म: 20 जुलाई, स्थान: बड़ागाँव (झाँसी). माता: स्व. श्रीमती रामप्यारी सरावगी, पिता: स्व. श्री बुद्धिप्रकाश सरावगी. जीवन साथी: डॉ. हरिमोहन गुप्ता. संतान: पुत्र -01. शिक्षा: एम.ए. (हिन्दी साहित्य), बी.एड., पी.एचडी. व्यवसाय: प्राध्यापक. करियर यात्रा: वर्ष 1989 से वर्ष 1990 तक शासकीय महाविद्यालय गढ़ाकोटा, सागर, वर्ष 1990 से 1994 तक शासकीय नेहरू महाविद्यालय-देवरी (सागर), वर्ष 1994 से 2015 तक शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर उत्कृष्टता कन्या महाविद्यालय, सागर में कार्य किया. वर्ष 2015 से वर्तमान तक पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय स्नातकोत्तर कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर में कार्यरत. अध्यापन कार्य के साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भोपाल व दिल्ली से माइनर और मेजर प्रोजेक्ट पूर्ण किये. बारह वर्षों तक कम्पनी कमाण्डर के रूप में एनसीसी ऑफिसर रहीं. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- 1. सियारामशरण गुप्त के साहित्य में समाज व संस्कृति (1995), 2. बुन्देली धरती सर्जना और सृजन (2000), 3. बुन्देली संस्कृति और प्रमुख कवि (2013), 4. कालचक्र- काव्यसंग्रह ( 2014), 5. लोक जीवन में बुन्देलखण्ड (2014), 6. सृजन और समीक्षा (2014), 7. शब्दकोश संकलन-बृहद प्रमाणिक बंदेली शब्दकोश (2016), 8. सृजन के आलोक में (2018), 9. मूल्य संचेतना: विविध आयाम (2018), 10. ब्रह्मवादिनी- काव्यसंग्रह (2021), सूर्या सावित्री- काव्यसंग्रह (2021). बुंदेली साहित्य संकलन कार्य: पत्रिकाओं एवं पुस्तकों का प्रकाशन- लोकजीवन में बुंदेलखंड, बुंदेली धरती सर्जना और सृजन, बुन्देली संस्कृति एवं प्रमुख कवि, अंकमहिला ज्ञान खजाना, बुझौवल-बुंदेली पहेलियां, बुंदेलखण्ड के खेल व खेलगीत, बुंदेली स्वास्थ्यपरक गीत, वृहद एवं प्रामाणिक बुंदेली शब्दकोष जिसे उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान लखनऊ ने सन् 2016 में प्रकाशित किया. सम्पादन- आजादी की आग- बुंदेलखंड की वीरांगनाओं का शौर्य, अध्यात्म और विज्ञान, परम्परा और आधुनिकता, अनन्त आकाश हमारे- पिता पर केन्द्रित काव्य संग्रह, ईश्वर का प्रतिरूप माँ- काव्य संग्रह, माँ- काव्य संग्रह, समय-लेख संग्रह, बेटियां- काव्य संग्रह, मुक्तिबोध- लेख संग्रह, साम्प्रदायिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकीकरण, सर्व धर्म समभाव, हमारा बुंदेलखंड, लोक साहित्य में सांस्कृतिक चेतना, लोक साहित्य और वैश्वीकरण, विश्वभाषा साहित्य और राम कथा, भारतीय वांग्मय और रामकथा, जनमानस में राम, अतुल्य भारत संस्कृति और राष्ट्र,  मेघदूत-सम्पादन पं. देवीरत्न अवस्थी करील आदि पुस्तकों का सम्पादन. वर्ष 1995 से 2015 तक ‘सौरभ’ महाविद्यालयीन वार्षिक पत्रिका तथा वर्ष 2016 में ‘सागर श्री’  महाविद्यालयीन वार्षिक पत्रिका, संकल्प एनसीसी वार्षिक पत्रिका, अभिव्यक्ति, भारतीय शिक्षण मंडल महाकौशल प्रांत की वार्षिक पत्रिका आदि पत्रिकाओं का सम्पादन कार्य एवं विशेषांक निकाले. सम्मान- मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन इकाई सागर से पदुमलाल पन्नालाल बख्शी सम्मान, झांसी महोत्सव-झांसी (1997), रिसर्च लिंक सम्मान-इंदौर (2003), महादेवी वर्मा जन्मशती-प्रयाग (2006),  आत्मीय मैत्री पुरस्कार-गुना (2006), भारतीय भाषा सम्मान-उज्जैन (2006), महादेवी स्मृति सम्मान-प्रयाग (2007), राष्ट्र सेवा नेशनल अवार्ड (2009), सरस्वती श्री नेशनल अवार्ड-सागर (2009), हिन्दी जगत के रत्न सम्मान-आलमपुर (2009), हिन्दी भाषा भूषण सम्मान- श्रीनाथद्वारा (2010), प्रयाग शताब्दी सम्मान समारोह-आगरा (2010), प्रेरणा साहित्य रत्न- छत्तीसगढ़ (2010), विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान- दिल्ली (2011), बुंदेली समारोह सम्मान- सागर (2013), साहित्य गौरव सम्मान-दिल्ली (2015), राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान-इलाहाबाद (2015), महिमा साहित्य रत्न सम्मान- दुर्ग (2016), बुंदेलखण्ड कनेक्ट अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस- झांसी (2016), आशादेवी सुराणा साहित्यांचल सम्मान-भीलवाड़ा (2017), अहिंसा सम्मान-पूना (2018),  महिला साहित्यकार सम्मान-ग्वालियर (2018), श्री घनश्याम दास सक्सेना स्मृति पुरस्कार-भोपाल (2019), अरुणिमा स्मृति सम्मान-लखीमपुर (2019), श्रीमती रमा देवी अवस्थी सम्मान-भोपाल (2019), वाग्योग नारी सम्मान-वाराणसी (2019), कोरोना कलम योद्धा सम्मान-अलवर (2020), बैंक ऑफ इंडिया, सागर द्वारा प्रशस्ति पत्र, सहित अनेक पुरस्कार तथा सम्मान. रुचियां: लेखन, पठन-पाठन, अध्ययन-अध्यापन. अन्य जानकारी: इनके निर्देशन में 11 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां प्राप्त हो चुकी हैं, जो मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश, हैदराबाद,श्री दिल्ली में विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं. भारतीय शिक्षण मंडल महाकोशल प्रांत महिला प्रमुख, तुलसी साहित्य अकादमी ईकाई सागर म.प्र.- अध्यक्ष, बुंदेलखण्ड विश्वकोश योजना की -संयोजक, संस्थापक एवं अध्यक्ष. महाविद्यालय अकादमिक कार्यों को गति प्रदान करने हेतु समय-समय पर राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों, वेबिनार का आयोजन. बुंदेलखण्ड समग्र विश्वकोश योजना हेतु इनसाइक्लोपीडिया की तैयारी वेबसाइट/पोर्टल पर सफल प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ी बुंदेलखंड के कोने-कोने से परिचित हो सके. वर्तमान में केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा, अनुसंधान एवं भाषा विभाग द्वारा त्रिभाषी लोक शब्दकोश के संपादन का दायित्व दिया गया है. राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय शोध संगोष्ठियों में सहभागिता. पता: स्नेहनगर, मधुकर शा वार्ड, सीमा कालोनी, सागर -01. ई-मेल: sarojgupta1234@gmail.com वेब http://www.sarojguptasagar.com

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