डॉ. शिल्पा मसुरकर

जन्म: 2 मई, स्थान: इंदौर. माता: श्रीमती अंजलि मसुरकर, पिता: श्री सुनील मसुरकर. शिक्षा: एम.ए. (हिंदुस्तानी शास्त्रीय-संगीत-2011, प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण), यू.जी.सी. द्वारा आयोजित नेट परीक्षा उत्तीर्ण (2014), पीएच.डी. (‘मीरा के पावस संबंधी पदों का मल्हार के स्वरों के साथ भावात्मक व सौन्दर्यात्मक अध्ययन’-2019), को.विद (इंदिरा कला संगीत वि.वि. खैरागढ़-2007, वर्षीय डिप्लोमा कोर्स). व्यवसाय: अध्यापन-शास्त्रीय संगीत. करियर यात्रा: 2017 से 2020 तक शा. संगीत महा. चिमन बाग इंदौर में अतिथि विद्वान (सहा. व्याख्याता), वर्तमान में आईआईएम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे आईपीएम प्रोग्राम के अंतर्गत शास्त्रीय संगीत अतिथि प्राध्यापक के पद पर कार्यरत. उपलब्धियां/पुरस्कार: खैरागढ़ वि.वि. की मध्यमा परीक्षा में प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान (2003), सुर संगम संस्थान, जयपुर द्वारा अखिल भारतीय शास्त्रीय संगीत स्पर्धा में उप-विजेता (2007), देवी अहिल्या विवि. इंदौर द्वारा आयोजित युवा उत्सव में जिला स्तर पर प्रथम स्थान तथा पश्चिम क्षेत्रीय युवा उत्सव-मुंबई में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व (2009), मालव कला अकादमी द्वारा आयोजित सुगम संगीत स्पर्धा में प्रथम स्थान (2008), खेल एवं युवक कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित युवा उत्सव में जिला व संभाग स्तर पर प्रथम स्थान (2008), सानंद न्यास इंदौर द्वारा आयोजित मराठी समूह गीत स्पर्धा में निरंतर दो वर्षों तक महाविद्यालयीन समूह का निर्देशन कर प्रथम स्थान (2015, 2016), संगीत के विषयों पर शोधपत्र प्रकाशित, आकाशवाणी की ‘बी ग्रेड’ कलाकार. हिंदी लघु फिल्म ‘एहसास’ (यूरेशिया फिल्म फेस्टिवल में सेमी फाइनलिस्ट एवं खजुराहो इंटरनेशनल फेस्ट में नामांकित) में पार्श्व गायन. ‘निर्मला पाठक अवार्ड’  दीवान ऑफ इंदौर से सम्मानित (2020). प्रस्तुतियां- उस्ताद अलाउद्दीन खां अकादमी द्वारा होशंगाबाद में आयोजित बाल संगीत समारोह, उस्ताद अमीर खां जन्म शताब्दी वर्ष में अभिनव कला समाज द्वारा आयोजित समारोह, पं. बापुराव अग्निहोत्री के स्मृति में आयोजित ‘संगीत अर्घ्य’, श्री नाना महाराज संस्थान में शास्त्रीय गायन, शनैश्चर जयंती समारोह- इंदौर, पंचम निषाद संगीत संस्थान इंदौर एवं दक्षिण मध्य सांस्कृतिक केंद्र नागपुर द्वारा आयोजित युवा संगीत महोत्सव, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा सिंहस्थ कुंभ महापर्व-उज्जैन के राज्योत्सव समारोह में प्रस्तुति, किशोर संस्कृति मंच द्वारा आयोजित ‘परंपरा’ संगीत सभा, काकली संगीत संस्थान, भोपाल द्वारा आयोजित काकली संगीत समारोह, न्यानेश्वरी फिल्मस् द्वारा निर्मित शकील अख्तर द्वारा लिखे देशभक्ति गीत ‘वंदेमातरम’ में छोटे पर्दे के कई कलाकारों के साथ प्रस्तुति, स्वर संस्कार, ग्वालियर द्वारा आयोजित स्वर संस्कार -मैफिल सीजन-3 में प्रस्तुति. रुचियां: पुस्तक वाचन, कविता लेखन, रंगोली, कुकिंग. अन्य जानकारी: शिल्पा परिवार की चौथी पीढ़ी की सदस्य हैं, जो संगीत की इस विरासत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. उनके पर दादाजी स्व. श्री श्रीपाद बुआ मसुरकर (जो कीर्तनकार थे) तथा दादाजी स्व. बालकृष्ण मसुरकर सोनिया घराने के सितार वादक थे. शास्त्रीय गायन की तालीम वे अपने पिता एवं गुरु श्री सुनील मसुरकर से ही प्राप्त कर रही हैं. 8 वर्ष की उम्र में पहली गायन प्रतियोगिता जीतने के साथ ही गायन में करियर की यात्रा आरंभ हुई, तत्पश्चात अनेक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जीतते हुए धीरे-धीरे शास्त्रीय के साथ-साथ उपशास्त्रीय, भक्ति संगीत (हिंदी, मराठी) सभी प्रकार के संगीत के कार्यक्रमों की प्रतिष्ठित मंचों से प्रस्तुतियां. युवा उत्सव सहित इंदौर के अनेक महाविद्यालयों में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रमों में निर्णायक के रूप में आमंत्रित. एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, इंदौर द्वारा आयोजित ‘यवनिका’ में शास्त्रीय संगीत पर कार्यशाला. पता: 404, एकविरा अपार्टमेंट, नेताजी सुभाष मार्ग, इंदौर-07. ई-मेल: music.shilpa@gmail.com

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