डॉ. शरद सिंह

जन्म: 29 नवम्बर, स्थान: पन्ना, (म.प्र.). माता: श्रीमती डॉ. विद्यावती “मालविका”, पिता: स्व. श्री रामधारी सिंह. शिक्षा: एम.ए. (प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व में स्वर्णपदक प्राप्त), एम.ए. (मध्यकालीन भारतीय इतिहास), बी.एड., पीएच.डी. (खजुराहो की मूर्तिकला का सौंदर्यात्मक  अध्ययन’). व्यवसाय: स्वतंत्र लेखन. करियर यात्रा: पूर्व में क्रमश: – अध्यापन, फिल्म निर्माण सहायक स्वतंत्र पत्रकार, वर्तमान में स्वतंत्र लेखन, संपादन एवं बुन्देलखण्ड की दलित-शोषित स्त्रियों के पक्ष में कार्य. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- उपन्यास “पिछले पन्ने की औरतें (बुन्देलखण्ड के बेड़िया समाज की महिलाओं पर केन्द्रित), पचकौड़ी (स्त्री विमर्श, बुन्देलखण्ड के सामाजिक  एवं राजनीतिक विमर्श पर केन्द्रित), कस्बाई सिमोन- (लिव इन रिलेशन एवं स्त्री विमर्श पर केन्द्रित), शिखण्डी- स्त्री देह से परे (महाभारत’ पात्र शिखण्डी के जीवन पर केन्द्रित). कहानी संग्रह- बाबा फ़रीद अब नहीं आते, तीली-तीली आग, छिपी हुई औरत और अन्य कहानियां, गिल्ला हनेरा (पंजाबी में अनुदित कहानी संग्रह), राख तरे के अंगरा (बुन्देली में कहानी संग्रह), श्रेष्ठ जैन कथाएं, श्रेष्ठ सिख कथाएं, स्त्री-विमर्श एवं महिला सशक्तिकरण पर पुस्तकें -पत्तों में क़ैद औरतें (बुन्देलखण्ड अंचल की तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ता एवं बीड़ी बनाने वाली महिलाओं पर), औरत तीन तस्वीरें, डॉ. अम्बेडकर का स्त्री विमर्श, आधी दुनिया पूरी धूप, राष्ट्रवादी व्यक्तित्वों पर पुस्तकें (जीवनी), इतिहास पर पुस्तकें. विज्ञान एवं पर्यावरण पर पुस्तकें, नाटक संग्रह, धर्म एवं दर्शन संबंधी पुस्तकें, भारत के आदिवासी जीवन पर पुस्तकें, बुंदेलखण्ड की लोक कथाओं पर पुस्तक, नवसाक्षरों के लिए कथा-साहित्य पुस्तकें (15 से अधिक), तीन काव्य संग्रह, कहानियों का पंजाबी, उर्दू, उड़िया, मराठी एवं मलयालम में अनुवाद, दो कहानी संग्रह पंजाबी में अनुदित एवं प्रकाशित, दूरदर्शन एवं यूजीसी के लिए डाक्यूमेंट्रीज़ एवं टेलीफिल्म्स की पटकथा लेखन, निर्देशन एवं संपादन, आकाशवाणी के विभिन्न केन्द्रों के लिए रेडियो धारावाहिक लेखन, छुई मुई डॉट कॉम नाटक का प्रसार भारती द्वारा देश के पांच शहरों में मंचन, फीचर फिल्म- गीला अंधेरा (शार्ट फिल्म). सम्मान एवं पुरस्कार: गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गोविन्द वल्लभ पंत पुरस्कार (2000), साहित्य अकादमी म.प्र. संस्कृति परिषद, म.प्र. शासन का पं. बाल कृष्ण शर्मा नवीन पुरस्कार, म.प्र. हिन्दी साहित्य सम्मेलन का  वागीश्वरी सम्मान, श्रेष्ठ संपादन हेतु राज्यस्तरीय पं.रामेश्वर गुरु पुरस्कार (2017), नई धारा’ सम्मान- पटना, बिहार, विजय वर्मा कथा सम्मान’- मुंबई, ‘पं. रामानन्द तिवारी स्मृति प्रतिष्ठा सम्मान’- इन्दौर (मप्र), जौहरी सम्मान’-भोपाल (मप्र), गुरदी देवी सम्मान’-लखनऊ, (उप्र), अंबिका प्रसाद दिव्य रजत अलंकरण (2004), भोपाल, (मप्र), श्रीमंत सेठ भगवानदास जैन स्मृति सम्मान-सागर,  (मप्र), कस्तूरी देवी चतुर्वेदी लोकभाषा लेखिका सम्मान (2004), भोपाल-(मप्र), मां प्रभादेवी सम्मान-  भोपाल, (मप्र), शक्ति सम्मान (2016) सागर, (मप्र), एक्सीलेंस अवार्ड फॉर क्रिएटर्स (2018) सागर टी.वी. न्यूज, सागर (मप्र), शिवकुमार श्रीवास्तव सम्मान, सागर, (मप्र),  निर्मल सम्मान सागर, (मप्र), अभिव्यंजना सम्मान, फर्रुखाबाद, (उप्र) आदि अनेक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर के सम्मान. स्तम्भ लेखन- नई दुनिया, नेशनल दुनिया’ (दिल्ली), आचरण’ समाचारपत्र, इंडिया इन साईड’ (लखनऊ) मासिक  पत्रिका, नवभारत’ आदि, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सहभागिता, वेबिनार एवं ऑनलाईन संगोष्ठियों में सहभागिता. रुचियां: लेखन, पठन, पेंटिंग, फोटोग्राफी, थियेटर, ·कुकिंग. अन्य जानकारी: पिछले पन्ने की औरतें’, पचकौड़ी, कस्बाई सिमोन, तीली-तीली आग’ एवं पत्तों में क़ैद औरतें’ पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध, अनेक पत्र-पत्रि·काओं में लेख एवं कहानियों का नियमित प्रकाशन, रेडियो एवं टेलीविजन से रचनाओं का नियमित प्रसारण, साहित्य, इतिहास एवं पुरातत्व विषय पर अकादमिक आयोजनों में व्याख्यान, कार्यकारी संपादक: सामयिक  सरस्वती (नई दिल्ली से प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका). पता– 111, शांति विहार, रजाखेड़ी, मकरोनिया, सागर-04. ई-मेल: drsharadsingh@gmail.com. वेब:  http://sharadakshara.blogspot.com

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