डॉ. रेखा कस्तवार

जन्म: 17 मार्च, स्थान: नागपुर. माता: स्व. श्रीमती रमा देवी गुप्ता, पिता: श्री स्व. विष्णु प्रसाद गुप्ता. जीवन साथी: श्री अविनाश कस्तवार. संतान: पुत्र -01, पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए., पी.एच.डी. व्यवसाय: प्राध्यापक (हिन्दी). करियर यात्रा: सतत प्रथम श्रेणी में शिक्षा, उच्च शिक्षा विभाग में 1983 से अध्यापन कार्य, सन् 2012 से पी.एस.सी. द्वारा सीधी भर्ती से प्राध्यापक पद पर चयन, अध्ययन के दौरान रचनात्मक लेखन प्रारम्भ, 2004 दिसंबर से 2009 फरवरी तक दैनिक भास्कर की मधुरिमा में कॉलम “किरदार जिन्दा है”, देश की महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में कहानी, समीक्षाएं-प्रकाशित, दूरदर्शन से वार्ताएं, साक्षात्कार प्रसारित. उपलब्धियां/पुरस्कार: स्त्री चिन्तन की चुनौतियां के लिए वागीश्वरी पुरस्कार (2006), साहित्य सुरभि सम्मान (2008), अभिनव शब्द शिल्पी सम्मान (2010), पी.एच.डी. की थीसिस पुस्तक के रूप में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित. प्रकाशित पुस्तकें- ‘किरदार जिंदा है, स्त्री चिन्तन की चुनौतियां’, ‘अपने होने का अर्थ’, मुर्गीखाना. कहानी संग्रह शीघ्र प्रकाश्य. वनमाली सृजन पीठ के कला मध्यप्रदेश, कथादेश, कथाविश्व (विज्ञान कथाएं) में कहानियां प्रकाशित. रुचियां: अभिनय, युवा पीढ़ी के साथ संवाद. पता:सानिध्यसी-6, शुभालय पर्ल, होशंगाबाद रोड, भोपाल -26. ई-मेल: rekhakastwar@gmail.com

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