डॉ. रश्मि झा

जन्म: 12 अक्टूबर, स्थान: मंडला. माता: स्व. श्रीमती प्रतिभा झा, पिता: स्व. श्री कालीदत्त झा. शिक्षा: ए. व्ही. म. स, आयुर्वेद में स्नातक, चीनी भाषा में एक वर्षीय डिप्लोमा (बीजिंग लैंग्वेज एण्ड कल्चर वि. वि. 1994-1995), पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति एक्यूपंक्चर में डिप्लोमा (क्वांगझौ ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन यूनिवर्सिटी चीन 1995-1997). व्यवसाय: आयुर्वेद चिकित्सक (पंचकर्म), एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ, पूर्व आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी (म.प्र.शासन). करियर यात्रा: पिछले 47 वर्षों से आयुर्वेद चिकित्सा में रत. वर्ष 1975 में आयुर्वेद में स्नातक होने के बाद जगदलपुर में चिकित्सा का कार्य आरंभ किया. वर्ष 1976 से 1979 तक श्री आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल में अध्यापन,  वर्ष 1982 में बस्तर के सुदूर कोंटा में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी रहने के बाद एक वर्ष 1994-95 तक बीजिंग में चीनी भाषा में डिप्लोमा, उसके बाद  में 1995 से 1997 तक पारंपरिक चीनी चिकित्सा की पढ़ाई की 1984 से 1994 तक भोपाल स्थित विधायक विश्राम गृह में चिकित्सा अधिकारी, 1997 से 2013 तक भोपाल स्थित जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में चिकित्सा अधिकारी पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त. 2013 से भोपाल में स्वयं के क्लीनिक पर आयुर्वेद पंचकर्म एवं एक्यूपंक्चर चिकित्सा जारी. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- एक्यूप्रेशर पर ‘बिना दवा स्वास्थ्य सेवा’ पुस्तक प्रकाशित. डॉ. रश्मि झा विश्वविद्यालय में शिक्षक प्रो. ली. ताओ के साथ उनके द्वारा लिखी गई एक्युपंक्चर चीन भाषा की किताब का अंग्रेजी में अनुवाद. चीन प्रवास के तीन वर्ष का यात्रा संस्मरण ‘चीन के दिन’ प्रकाशित (2010), तथा मप्र साहित्य अकादमी एवं राष्ट्र भाषा प्रचार समिति द्वारा पुरस्कृत. ‘बिना दवा स्वास्थ्य सेवा’ को पुस्तक पर वॉलेंटरी हेल्थ एसोसिएशन (VHA) ऑफ इंडिया द्वारा फिल्म निर्माण. इस फिल्म और किताब के सहारे वॉलेंटरी हेल्थ एसोसिएशन में मप्र-छग में अनेक वर्कशॉप आयोजित. मानद चिकित्सक- राज्यपाल-मप्र. मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत चीन सरकार द्वारा चीन की पारंपरिक चिकित्सा एक्युपंक्चर के अध्ययन के लिए तीन वर्ष की फेलोशिप. अंतरराष्ट्रीय एक्युपंक्चर सम्मेलन में पेपर वाचक (1996 क्वांगझौ ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन यूनिवर्सिटी चीन). जगलदलपुर आकाशवाणी केन्द्र में बतौर केजुअल एनाउंसर कार्य किया. जगलदलपुर आकाशवाणी में हल्बी बोली में ‘डॉक्टर चो गोठ’ कार्यक्रम में डॉक्टर से बातचीत कार्यक्रम प्रायोजित, युववाणी एवं महिला सभा कार्यक्रम का संचालन. सम्मान- क्वांगझौ विश्वविद्यालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ छात्रा के रूप में सम्मानित (1997), आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए वैद्य उद्धवदास मेहता सम्मान (2000), विज़डम ऑफ वीमेन ग्रुप द्वारा लाइफ टाइम एचीवमेंट (2022). विदेश यात्रा: चीन, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया,  सिंगापुर, बैंकाक, अमेरिका, इटली, रशिया, मॉरिशस. रुचियां: नृत्य, गायन, लेखन, यात्रा करना, बिना दवा स्वस्थ रहने की कला सिखाना. अन्य जानकारी: बस्तर के घने जंगलों में जड़ी-बूटियों पर शोध कार्य किया. पत्थलगांव में आशा सेन्टर में दो सप्ताह रुककर करीब 100 ज़मीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैयार किये. चीन के बेयर फुट डॉक्टर की तर्ज पर बिना दवा एक्युप्रेशर के माध्यम से स्वस्थ रहने के लिए ग्रामीणों को ट्रेनिंग. इसी तरह भोपाल, उज्जैन, माण्डू ग्वालियर में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एक्यूप्रेशर प्रशिक्षण. कान के 240 बिन्दुओं पर दबाव डालकर रोगों की चिकित्सा करना अद्भुत चिकित्सा पद्धति है. नशा मुक्ति एवं अन्य रोगों की चिकित्सा में कान के पॉइंट अकल्पनीय नतीजे देते हैं. छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव में महिला और पुरुषों में शराब की बहुत ज्यादा लत है. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से उन्हें कान में राई का दाना एडेसिव की सहायता से विभिन्न बिन्दुओं पर चिपकाकर नशे की आदत से मुक्ति दिलाने का कार्य किया. उन्होंने आगे और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को सिखाया. बिना दवा, बिना पैसे की यह चिकित्सा पद्धति बहुत कारगर रही. पता: एसएच-33, ब्लॉक-9, सह्याद्रि परिसर,  भदभदा रोड, भोपाल-03.  ई-मेल: drrashmijha@yahoo.co.in.

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