डॉ. मृदुला सिंह

जन्म: 4 जून, स्थान: गनिगवां (रीवा-म.प्र.). माता: स्व. निर्मला सिंह, पिता: सच्चिदानंद सिंह. जीवन साथी: नरेन्द्र सिंह. संतान: पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए. (हिन्दी), एम.फिल., पी.एच.डी. (छ.ग. सेट). व्यवसाय: अध्यापन (महाविद्यालय). करियर यात्रा: विंध्य के एक छोटे गांव से शिक्षा प्रारंभ हुई, शहर आकर उच्च शिक्षा प्राप्त की. साहित्य की तरफ झुकाव हमेशा से ही रहा. विवाहोपरांत अंबिकापुर में कॉलेज की नौकरी के दौरान ही पीएचडी की साथ ही सेट परीक्षा सर्वाधिक अंकों से उत्तीर्ण की. साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय. होलीक्रॉस विमेंस कॉलेज अम्बिकापुर (छग) में हिन्दी की अध्यापिका. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन – 1. काव्य संग्रह ‘पोखर भर दुख’ 2. सामाजिक संचेतना के विकास में हिन्दी पत्रकारिता का योगदान, 3. तरी हरि ना ना (छत्तीसगढ़ की महिला कथाकारों की कहानियां). मोहन राकेश के नाटक-चरित्रों का मनोविज्ञान पुस्तक प्रकाशित, ब्रह्मराक्षस (मुक्तिबोध के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केन्द्रित) प्रकाशाधीन.  रुचियां: पर्यटन, पुस्तकें पढऩा, कविता लेखन, अध्यापन आदि. अन्य जानकारी: कविता, कहानी एवं लेख राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में प्रकाशित, साहित्यिक गतिविधियों में भागीदारी, महत्वपूर्ण मंचों से कविता पाठ, व्याख्यान, संचालन. पता: एस/3- ई-22,  वसुंधरा विहार, जि.सरगुजा, अंबिकापुर, छग -01.  ई-मेल: mridulas439@gmail.com

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