डॉ. प्रमिला वर्मा

जन्म: 16 अगस्त, स्थान: जबलपुर. माता: श्रीमती सुरतवन्ती वर्मा, पिता: श्री गणेश प्रसाद. जीवन साथी: श्री सत्येन्द्र वर्मा. संतान: पुत्री -02. शिक्षा: एम.ए. (हिन्दी/समाज शास्त्र), पीएचडी. व्यवसाय: पत्रकारिता/लेखन. करियर यात्रा: 1977 में जबलपुर वि.वि. जबलपुर से समाजशास्त्र विषय में एम.ए. तथा 1981 में सौराष्ट्र वि.वि. राजकोट से ‘चेंजेस इन अर्बन फेमिलिज़ इन मॉडर्न टाइम्स’ विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद 1989 में हिन्दी विषय से एम.ए. मराठवाड़ा वि.वि. औरंगाबाद (महाराष्ट्र) से किया. देश के विभिन्न शहरों में अनेक अख़बारों (लोकमत समाचार (1992), देवगिरी समाचार (1993 से 1996 तक), संझा लोकस्वामी, सम्पर्क पत्रिका मुंबई, इंडियन रीडर, दैनिक  भास्कर, नव भारत (मुंबई), राजस्थान पत्रिका (अहमदाबाद) आदि में 20 वर्षों तक फीचर संपादक के पद पर कार्य किया. देश की विभिन्न स्तरीय पत्रिकाओं में कहानियां, लेख, स्तंभ आदि प्रकाशित. अब तक तीन हजार के लगभग लेख प्रकाशित. कारगिल युद्ध के दौरान अखनूर से पत्रकारिता (युद्ध संबंधी), समाज कल्याण बोर्ड एवं विमेन नेटवर्क लि. दिल्ली की ओर से वर्ष 2002 में आयोजित महिला पत्रकारों के राष्ट्रीय सम्मेलन में मराठवाड़ा से प्रतिनिधित्व. मराठी की बहुचर्चित पत्रिका ‘ललित’, जम्मू कश्मीर टाइम्स (जम्मू), पत्रिका पुष्पगंधा, प्रणाम पर्यटन, वी विटनेस एवं कई अखबारों में साक्षात्कार प्रकाशित. कई कहानियों का अन्य भाषाओं में अनुवाद. जे.जे.टी. विश्वविद्यालय झुंझनू (राजस्थान) में पीएचडी गाइड. कई संग्रहों में कहानियां संकलित जिनमें 1. युवा मन की कहानियां 2. वृद्धमन की कहानियां 3. विवाहेतर संबंधों की कहानियां 4. सांप्रदायिकता से संबंधित कहानियां एवं मुंबई -1 आदि शामिल हैं. संपादन- 1. ‘नहीं! अब और नहीं’( दंगे पर आधारित कहानी संग्रह), 2. ‘मेरे रहते’ (कविता संग्रह). प्रकाशन- कहानी संग्रह- 1. आकांक्षाओं से परे, 2. छत पर खुलने वाली खिड़की, 3. प्रेम संबंधों की कहानियां, 4. धुएँ का अजगर, 5. अक्सों में तुम, 6. फुनगियों पर धूप. उपन्यास: 1. विदेशी संस्कृति पर आधारित शोधपरक उपन्यास “रॉबर्ट गिल की पारो”, 2. संयुक्त उपन्यास ‘ख्वाबों के पैरहन’.  ‘बहुत चुभता है मंगल का सूत्र’ (स्त्री विमर्श),  ‘अपने आईने में’ आत्म कथ्य पुस्तक के रूप में प्रकाशित. आकाशवाणी राजकोट, मुंबई, औरंगाबाद से कहानियां प्रसारित. उपलब्धियां/पुरस्कार: दि संडे इंडियन पत्रिका में 21वीं सदी की 111 हिंदी लेखिकाओं में नाम शामिल. बीसवीं सदी की महिला कथाकारों की कहानियां के नौवें खंड में कहानी संकलित, अविभाजित कथा, मध्यप्रदेश में कहानी संकलित. सम्मान- महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत (1997 एवं 2013), श्रेष्ठ पत्रकारिता पुरस्कार इंदौर, साहित्य गौरव सरस्वती सम्मान (झुंझुनू राजस्थान), सातवें अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन कंबोडिया में आयोजित प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान से पुरस्कृत, मूलचंद मिश्र स्मृति संस्थान लखनऊ से भूटान में पुरस्कृत, दलित साहित्य अकादमी से पुरस्कृत, बिहार में 25वें अखिल भारतीय लघु कथा सम्मेलन में ‘लघुकथा रत्न’ सम्मान 2013, मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति एवं हिन्दी भवन न्यास का हिन्दी सेवी सम्मान (2017). विदेश यात्रा: थाईलैंड, कंबोडिया वियतनाम, भूटान, नेपाल, दुबई, रूस, मिस्र, उज्बेकिस्तान देशों की साहित्यिक-सांस्कृतिक यात्राएं. रुचियां: लेखन, पर्यटन, आदिवासी महिलाओं को जागरूक करने में विशेष रुचि. अन्य जानकारी: हेमंत फाउंडेशन की संस्थापक/सचिव जिसके तहत पिछले 20 वर्षों से ‘विजय वर्मा कथा सम्मान’ एवं ‘हेमंत स्मृति कविता सम्मान’ का आयोजन. आज़ादी की 50वीं वर्षगांठ पर दिल्ली दूरदर्शन से कुबेर दत्त द्वारा लिया गया साक्षात्कार. पुलिस महिला तकरार केंद्र की सम्मानित सदस्य, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत)- जि़ला महिला समिति की उपाध्यक्ष (ठाणे), ‘जानम समझा करो,  टीवी सीरियल के एपिसोड में शोध कार्य. सदस्य – इंडो रशियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, इंडो जर्नलिस्ट यूनियन,  इंडिया चायना जर्नलिस्ट फ्रेंडशिप एसोसिएशन. पता: 94- ए -चंदननगर, जुलै
सोलापुर 413005 ( महाराष्ट्र). ई-मेल: vermapramila16@gmail.com

Facebook

Twitter

Instagram

Whatsapp