डॉ. पद्मा सिंह

जन्म: 29 सितंबर, स्थान: शिवपुरी. माता: श्रीमती कलावती देवी जादौन, पिता: ठाकुर श्री लक्ष्मणसिंह जादौन. जीवन साथी: डॉ. विजय सिंह. संतान: पुत्री -02. शिक्षा: एम.ए. हिन्दी साहित्य (वि.वि. में प्रथम एवं कला संकाय में सर्वोच्च स्थान), पीएचडी. (स्वातंत्र्योत्तर हिंदी उपन्यासों में भारतीय जनजीवन), व्यवसाय: पूर्व प्रधानाचार्य और निदेशक (Department of Comparative language, Litrature and culture’  & ‘School of Advanced liberal studys’ -Devi Ahilay University Indore (सेवानिवृत). करियर यात्रा: मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा 1976 में महाविद्यालयीन सेवा के लिए मेरिट पर चयन. प्रथम नियुक्ति शासकीय नूतन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय-इंदौर में हुई. वर्ष 1992 में प्राध्यापक पद पर पदोन्नत, वर्ष 2000 से 2007 तक महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय इंदौर में हिन्दी विभाग की अध्यक्ष (प्रथम श्रेणी अधिकारी) के रूप में कार्य किया. फरवरी 2007 में देवी अहिल्या वि.वि. इंदौर  में ‘तुलनात्मक भाषा साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन शाला’ की निदेशक के रूप में कार्य करते हुए वर्ष 2008 में प्राचार्य पद पर पदोन्नत साथ ही एक अन्य विभाग ‘स्कूल ऑफ़ एडवांस्ड लिबरल स्टडीज’ की जिम्मेदारी के साथ दोनों विभागों की निदेशक रह कर विभागाध्यक्ष का कार्य किया. वि.वि. में प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद 2012 तक शासकीय महाविद्यालय, बदनावर एवं 2015 तक शासकीय महाविद्यालय, पीथमपुर, जिला धार म.प्र. में प्राचार्य रहीं. मप्र लोक सेवा आयोग में हिन्दी मॉडरेटर और हिन्दी परीक्षक के रूप में कार्य किया. उच्च शिक्षा विभाग म.प्र.शासन में 1976 से 2015 तक सेवाएं देने के बाद प्राचार्य पद से सेवानिवृत. वर्ष 1994 से डीएवीवी इंदौर में पीएचडी के लिए रिसर्च गाइड (पीएच.डी. शोध निदेशक एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएच.डी. की शोध परीक्षक (छत्तीसगढ, भोपाल, नागपुर, रीवा, ग्वालियर आदि वि.वि. में), साहित्यिक व सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी. उपलब्धियां/सम्मान: प्रकाशन- कविता संग्रह (1) ‘शब्द की हथेलियों में’, (2.) ‘फूलों को खिलना है’. काव्य संकलन में रचनाएँ – (1) ‘कलम उगलती आग’ (2) ‘सार्थक कविता की तलाश’. (3) ‘आत्मज्ञान में जगतदर्शन’  (निबंध). वि.वि. के बी.ए. स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए सम्पादित पुस्तकें (1.) ‘मालवी भाषा और साहित्य’ (2.) ‘हिन्दी एकांकी’, (3) ‘निबंध एवं अन्य विधाएँ’ (4) काव्य नाटकों का लेखन- (1). शिल्पी, (2) समुद्र मंथन, (3) धन बरसे, (4) बूँद बूँद अमृत सभी अभय प्रशाल व डेली कॉलेज इंदौर में मंचित हो चुके हैं. हिंदी की प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओं (समकालीन भारतीय साहित्य, वागर्थ, साक्षात्कार,  दस्तावेज,, गगनांचल, माध्यम, राज, अक्षरपर्व, शब्दशिखर, नई दुनिया, पत्रिका आदि) में निबंध, आलोचना, कहानी एवं शोध पत्र प्रकाशित. आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर निरंतर रचनाओं का प्रसारण. इंटरनेट पर पाठ्य पुस्तकों का प्रसारण, ‘वीणा’ पत्रिका में स्तंभ लेखन- ‘हमारी विरासत’. मप्र साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठा आयोजन ‘सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति समारोह’ ‘प्रतिपदा’ में भारत की सर्वश्रेष्ठ कवयित्रियों के काव्यपाठ में आमंत्रित. हिन्दी लघुकथा साहित्य में प्रयोगधर्मी चुनौतियाँ’ विषय पर 2001 में राष्ट्रीय सेमिनार का संयोजन एवं शोध पत्रिका का सम्पादन. पीएच.डी., एम.ए., एम.फिल. में 200 से अधिक शोध कार्य करवाए, संस्कृत से हिन्दी में अनुवाद कार्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ई.एम.आर. सी. विभाग में हिन्दी साहित्य का इंटरनेट से अध्यापन तथा ‘हिन्दी अध्ययन परिषद’ की अध्यक्ष रहते हुए पाठ्यक्रम निर्धारण समिति में पहली बार मालवी भाषा को बी.ए. पाठ्यक्रम में शामिल करवाया. सम्मान- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदौर वि. वि. द्वारा सम्मानित (1976), यूजीसी सचिव द्वारा एम.ए. कला संकाय में सर्वाधिक अंक होने पर सम्मानित(1976), राष्ट्रीय नेत्र सुरक्षा संस्था द्वारा सम्मानित (2000), प्रसिद्ध लेखक गुलजार द्वारा 30वाँ राष्ट्रीय बाल साहित्यकार पुरस्कार एन.सी.ई.आर.टी. (1998-99, नई दिल्ली), रवीन्द्रनाथ टैगोर जन्म शताब्दी पर स्वर्ण पदक (26 अगस्त 1976), आर.सी.जाल.लोक परमार्थिक न्यास द्वारा स्वर्ण पदक (1975), देवी श्री अहिल्या बाल साहित्य शोध केन्द्र भोपाल का मीरा अग्रवाल स्मृति सम्मान (2011), मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा ‘प्रादेशिक राजेंद्र अनुरागी पुरस्कार (2017), अखिल भारतीय श्री अम्बिका प्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा सम्मान, (2019), सरस्वती पुत्री सम्मान (देवी श्री अहिल्या बाल साहित्य सृजन, कानपुर 2005), मीरा अग्रवाल स्मृति सम्मान (बाल कल्याण और बाल साहित्य शोध केंद्र, भोपाल 2011) सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं (क्षत्राणी संगम क्लब, राजपूत परिषद, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, भारत संचार निगम, स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया, अ.भा. विद्यार्थी परिषद, जागो फिर एक बार, न्यू यूथ सोशल ग्रुप आदि) द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत. रुचियां: अध्यापन, पढ़ना-लिखना, समीक्षा, समसामयिक लेख लिखना, युवा व बुजुर्गों से समस्याओं पर चर्चा, बागवानी, करियर काउंसिलिंग, पेंटिंग-कढ़ाई, सिलाई आदि. अन्य जानकारी: दे.अ.वि.वि.,इंदौर की विभिन्न चयन समितियों में नियुक्ति हेतु विषय विशेषज्ञ रही हैं. हिन्दी, संस्कृत, पालि और तुलनात्मक भाषा एवं साहित्य अध्ययन परिषद दे.अ.वि.वि. की 6 साल तक अध्यक्ष. वरिष्ठ वेतनमान हेतु गठित अनुवीक्षण समितियों में कला संकाय में हिन्दी की विषय विशेषज्ञ. शैक्षणिक गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए विशेषज्ञ, हिंदी के विकास के लिए समर्पित इंदौर की 100 वर्षों से सक्रिय प्रतिष्ठित संस्था श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति इंदौर’ से चार दशकों से जुड़ी रह कर महत्वपूर्ण पदों (प्रबंधकारिणी समिति सदस्य, साहित्य मंत्री, प्रकाशन मंत्री तथा शोध मंत्री) पर कार्य किया. समिति से प्रकाशित शोधपत्रिका ‘वीणा’ की प्रबंध संपादक रही. वर्तमान में परमेश्वरदत्त शोध संस्थान’ की शोध मंत्री के रूप में सेवाएं जारी. पता: 108, टेलीफोन नगर, कनाडिया रोड, पेरामाउन्ट बिल्डिंग के सामने वाली गली नं 5 , इंदौर (म.प्र) 16.  ई-मेलprofpadmasingh22@gmail.com

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