डॉ. दीप्ति गेड़ाम

जन्म: 04 अगस्त, स्थान: ग्वालियर. माता: इन्द्रा गेड़ाम, पिता: श्री प्रकाश गेड़ाम. जीवन साथी: श्री शैलेन्द्र सिंह परमार. शिक्षा: एम.ए. (शास्त्रीय गायन), पी.एच.डी. (संगीत). व्यवसाय: देश-प्रदेश में शास्त्रीय संगीत ग्वालियर घराने की प्रतिष्ठित कलाकार, वाइस प्रिंसिपल काकली म्यूजिक कॉलेज भोपाल. करियर यात्रा: संगीत की प्रारंभिक शिक्षा 4 वर्ष की उम्र से श्री प्रकाश गेड़ाम एवं श्रीमती इंद्रा गेड़ाम द्वारा आरंभ हुई. पं. सज्जनलाल ब्रह्मभट्ट रसरंग के मार्गदर्शन में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से “मध्यप्रदेश के ध्रुपद गायक, उनकी शिष्य-परंपरा एवं ख्याल-शैली में योगदान” संगीत विषय में पी.एच.डी. की उपाधि प्राप्त की. भोपाल में पं. सज्जनलाल ब्रह्मभट्ट के  सानिध्य में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन में एम.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की. ग्वालियर में डॉ. प्रभाकर गोहदकर से शास्त्रीय गायन का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया एवं उनके सानिध्य में कोविद परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की. भोपाल में उस्ताद सरत हुसैन एवं ग्वालियर में श्रीमती नीलिमा शर्मा से सुगम संगीत की तालीम हासिल की. संस्कृति-स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र, नई दिल्ली द्वारा हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन हेतु सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति वर्ष 1997 से वर्ष 2005 तक  प्राप्त की. वर्तमान में ग्वालियर घराने के सुप्रसिद्ध गायक पं. सज्जनलाल ब्रह्मभट्ट रसरंग से ख्याल-गायकी एवं ठुमरी, टप्पा, दादरा, चतुरंग, त्रिवट आदि का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं. उपलब्धियां/पुरस्कार: भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंदौर द्वारा “कला सम्मान” (2002), इन्दौर में वर्ष 2002 में आयोजित लता मंगेशकर अलंकरण समारोह (राज्य स्तरीय, सुगम संगीत प्रतियोगिता) में प्रथम पुरस्कार, 12वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव पुणे में शास्त्रीय संगीत (हिन्दुस्तानी गायन) में स्वर्ण पदक (2007), सुर सिंगार संसद मुंबई द्वारा आयोजित “कल के कलाकार” सम्मेलन में “सुरमणि उपाधि” (2009), विमेन पॉवर आइकॉन अवार्ड (2020) सहित अनेक पुरस्कार व सम्मान प्राप्त. ग्वालियर घराने की गायकी में विशेषत: दक्ष कलाकार के रूप में देश के विभिन्न संगीत समारोहों में प्रदर्शन- “काकली संगीत सम्मेलन”- (2010, 2011, 2020), “पं. वासुदेव मिश्रा संगीत समारोह”-सीहोर (2019), “उत्तराधिकार”-जनजातीय संग्रहालय भोपाल (2018), गुरु पूर्णिमा संगीत महोत्सव मंदसौर- (2017), “संगीत निशा”- कटनी (2014), “मल्हार उत्सव” (2012) एवं “बसंत उत्सव” शुजालपुर (2012) आदि. विदेश यात्रा: मलेशिया सिंगापुर. रुचियां: संगीत सुनना. अन्य जानकारी: एल्बम –1. महादेवी वर्मा के  गीत’’ (देश की प्रसिद्ध कवियत्री महादेवी वर्मा की कविताओं पर कविताएं), 2. ‘‘सुमिरन’’ (मीरा, सूर, कबीर आदि भक्त कवियों की स्वरबद्ध रचनाएं). आकाशवाणी पर स्वराज संस्थान मध्यप्रदेश द्वारा प्रसारित कार्यक्रम ‘‘वतन का राग’’ में स्वर दिया. धारावाहिक ‘‘कुछ तो लोग कहेंगे’’ में पार्श्व गायन. पता: बी.एम.-76, नेहरू नगर, भोपाल. (म.प्र.) -03. ई-मेल: deeptigedam@gmail.com

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