डॉ. तापसी नागराज

जन्म: 1 नवंबर, स्थान: जबलपुर. माता: श्रीमती शोभा चक्रवर्ती, पिता: श्री प्रवीर चक्रवर्ती. जीवन साथी: श्री मुरलीधर नागराज. संतान:  पुत्र -02.  शिक्षा: एम.ए. (कंठ संगीत), पी.एच.डी. संगीत की प्रारम्भिक शिक्षा पिता श्री पी.के चक्रवर्ती से तथा विधिवत शिक्षा स्व. मधुकरराव पाठक, चन्द्रशेखर सेन गुप्ता और आनंद जोशी से प्राप्त की. सुगम संगीत की तालीम उस्ताद अहमद हुसैन, मो. हुसैन और पं. वसंत तिमोथी से हासिल की. व्यवसाय: शिक्षण एवं गायन. करियर यात्रा: वर्ष 97 से 2006 अप्रैल तक लिटिल वर्ल्ड स्कूल से कार्य की शुरुआत. वर्ष 2006 जुलाई से 2014 तक माता गुजरी महिला महाविद्यालय में असिस्टेंट  प्रोफेसर (संगीत), वर्ष 2015 से सेंट अलॉयसियस कॉलेज में, वर्तमान में इसी कॉलेज में फ़ाईन विषय मे अध्यापन का कार्य. उपलब्धियां/पुरस्कार: आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा सुगम संगीत में ‘टॉप ग्रेड कलाकार, भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा संगीत में योगदान के लिए ‘कला अनूप सम्मान’, अभिनव कला सम्मान, आकाशवाणी भोपाल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा सम्मान, एस.डी. बर्मन अवार्ड, सुर सिंगार संसद मुम्बई द्वारा आयोजित ‘कल के पार्श्व गायक’  प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सहित समय-समय पर अनेक सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित तथा पुरस्कृत. रेडियो और दूरदर्शन के देश के लगभग सभी प्रमुख केंद्रों पर आयोजित संगीत सभाओं में गायन. स्वयं की संस्था ‘सुर पराग’ के साथ देश के प्रतिष्ठित मंचों पर समय-समय पर सांगीतिक प्रस्तुतियां, बच्चों के साथ संगीत कार्यशालाएं और मंचीय प्रस्तुतियां, अनेक एल्बम में गायन, प्रादेशिक भाषाओं की फिल्मों में पार्श्व गायन, सारेगाम द्वारा जारी एलबम  ‘शुभविनायक’ में पद्मश्री अनूप जलोटा के साथ गायन, हिन्दी के प्रतिनिधि रचनाकारों पर केंद्रित गीतों और आधुनिक कविताओं की प्रस्तुतियां/उर्दू के प्रतिनिधि शायरों पर केंद्रित गज़लों के कार्यक्रम, संत कवियों की रचनाओं पर केंद्रित कार्यक्रम, भारतीय फिल्मों के स्वर्ण युग की रचनाओं पर केंद्रित कार्यक्रम की प्रस्तुतियां. वर्ष 2011 में दूरदर्शन दिल्ली के लिए अज्ञेय, नागार्जुन, शमशेर बहादुर सिंह, केदारनाथ अग्रवाल, गोपाल सिंह नेपाली और फैज़ अहमद फैज़ की रचनाओं के कार्यक्रम ‘शब्द शताब्दी’ की प्रस्तुति. म.प्र. कला परिषद् द्वारा राष्ट्रीय कालीदास समारोह उज्जैन में नाटक ‘कर्पूर मंजरी’, स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा वतन का राग एवं हिन्दोस्तां हमारा और बच्चों द्वारा गाये गए देशभक्ति रचनाओं के कार्यक्रम ‘आज़ादी के तराने’ का कुशलतापूर्वक संगीत निर्देशन. रुचियां: गायन, अभिनय, शिक्षण, लेखन.  अन्य जानकारी: देश के लगभग सभी प्रमुख नगरों में संगीत कार्यक्रम में भागीदारी अनेक हिन्दी एवं बांग्ला नाटकों में प्रभावी अभिनय. आकाशवाणी की मान्यता प्राप्त नाटक कलाकार. म.प्र. कला परिषद्, इप्टा, उत्तर-दक्षिण-मध्य सांस्कृतिक केंद्र तथा संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित समारोह में बतौर अभिनेत्री शिरकत. वर्तमान में  ऑनलाइन क्लास के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण.  पता: 153/1083 गुप्तेश्वर मंदिर के पास,जबलपुर-01. ई-मेल: tapsi.muli@gmail.com

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