डॉ. उषा श्रीवास्तव

जन्म: 1 जनवरी, स्थान: इलाहाबाद. माता: स्व. श्रीमती सावित्री श्रीवास्तव. पिता: स्व. श्री श्रीनारायण श्रीवास्तव. जीवन साथी: स्व. श्री ओ.पी श्रीवास्तव. सन्तान: पुत्र- 01, पुत्री -02. शिक्षा: मनोविज्ञान विषय में पीएचडी. व्यवसाय: अध्यापन (सेवानिवृत्त). करियर यात्रा: वर्ष 1968 से 1980 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन, वर्ष 1980 से महारानी लक्ष्मीबाई स्नातकोत्तर कॉलेज में अध्यापन कार्य किया तथा बाद में यहीं मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष का कार्यभार भी संभाला. वर्ष 2008 में सेवानिवृत्त. उपलब्धियां/सम्मान: वर्ष 1968-1974 तक जूनियर फेलोशिप तथा वर्ष 1974 से लेकर 1980 तक सीनियर फेलोशिप प्राप्त. प्रकाशन- अनेक पुस्तकों का लेखन किया विशेष तौर पर अंग्रेजी भाषा में लिखी गई पुस्तकें सहलेखक 1. ‘द आर्ट ऑफ कम्युनिकेशन’,  2. ‘एक्सीलेंस इज नथिंग बट गिविंग द बेस्ट’, ‘इंडियन वर्किंग वुमन इन ट्रांजिशन’,  कविता- ‘कुछ बात, कुछ ख़यालात- सपने और जज़्बात’ आदि विशेष तौर पर चर्चित और प्रसिद्ध पुस्तकें रही. बैठक – द आर्ट हाउस द्वारा सम्मानित. विदेश यात्रा: अमेरिका. रुचियां: पर्सनालिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल, कम्युनिकेशन डेवलपमेंट एंड ग्रोथ, जेंडर इक्वलिटी, महिला सशक्तिकरण और विभिन्न सामाजिक मुद्दों के क्षेत्र में विशेष तौर से रूचि. अन्य जानकारी: वर्ष 2006 में यूजीसी नई दिल्ली की एक्सपोर्ट एक्सपर्ट सिलेक्शन कमेटी की सदस्य रहीं. इसके अलावा 1978 से 1980  तक बाल कल्याण परिषद, मध्यप्रदेश में बाल कल्याण अधिकारी के रूप में काम किया. अनेक राष्ट्रीय – अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में सशक्त भागीदारी एवं उपस्थिति, साथ ही शोध पत्र प्रस्तुत. मनोविज्ञान, करियर, सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न काउंसलिंग में निरंतर कार्यरत, वर्तमान में गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद जीवटता के साथ न सिर्फ कैंसर से लड़ने का सन्देश दे रही हैं, बल्कि साइकोलॉजी एंड हैबिट, मन वास्तु जैसी कुछ पुस्तकों के लेखन में में भी व्यस्त हैं. पता: सी-195 कोहेफिज़ा, बीडीए कॉलोनी, भोपाल. ई-मेल: akhareakc1@gmail.com

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