डॉ. इला घोष

जन्म: 9 अप्रैल, स्थान: झांसी (उ.प्र.). माता: श्रीमती तारा सुंदरी दास,  पिता: श्री तारापद दास. शिक्षा: एम.ए. (संस्कृत), पी.एचडी. व्यवसाय: अध्यापन (सेवानिवृत्त). करियर यात्रा: उच्च शिक्षा विभाग, मप्र शासन के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्यापन कार्य, शासकीय तिलक महाविद्यालय कटनी से 2013 में स्नातकोत्तर प्राचार्य के रूप में सेवानिवृत्त. उपलब्धियां/पुरस्कार: शोध कार्य- लगभग 150 शोध संगोष्ठियों में शोधपत्र प्रस्तुत, बीज वक्तव्य, विषय प्रवर्तन, सत्रों की अध्यक्षता आदि. 75 से अधिक शोध पत्र (संस्कृत साहित्य, काव्यशास्त्र, दर्शन, भारतीय संस्कृति, कला, समाज, वैदिक, वेद, नारी विमर्श आदि से संबंधित) प्रकाशित. 15 शोध छात्रों को ‘विद्यावाचस्पति’ उपाधि हेतु निर्देशन. प्रकाशन:  पाठ्यपुस्तक- 1. चतुष्टयी (बीए संस्कृत हेतु) सहलेखन (1996, 2020) 2. अर्थगौरवम् (बी.ए., षष्ठ सेमेस्टर संस्कृत हेतु 2010, 2019). स्वतंत्र ग्रन्थ- 1. संस्कृत वाड्मय में शिल्पकलाएँ (2004), 2. संस्कृत वाड्मय कृषि विज्ञानम् (2006), 3. ऋग्वैदिक ऋषिकाएँ: जीवन एवं दर्शन (2007), 4. चतूषष्टिकला (सहलेखन 2008), 5. वैदिक संस्कृति संरचना: नारी योगदान विभूषित, 6. सफलता के सूत्र: वैदिक दृष्टि (2014), 7. तमसातीरे (कविता संग्रह 2015), 8. महीयसी (खण्डकाव्य 2015), 9. व्यक्तित्व विकास में वैदिक वाड्मय का योगदान (2016), 10. हुए अवतरित क्यों राम? (खण्डकाव्य 2018), 11. साहित्य वधूकाव्य पुरुषीयम् (संस्कृत हिन्दी नाट्य 2018), आज्जनेचरितम (संस्कृति महाकाव्य 2019), 13. नमस्तस्यै (संस्कृत हिन्दी स्त्रोत काव्य 2021), 14. अन्वेषी यायावर: आचार्य कवि राजशेखर पर शोधात्मक चिन्तन (2021), 15. वैदिक चिन्तन: विविध आयाम (2021). अनुवाद: बांग्ला पुस्तक ‘भावबार मोती छोटो-छोटो कोथा’ कतिपय चिन्तन योग्य प्रसंग – दो खण्ड 2005, डॉ. प्रार्थना मुखर्जी विरचित गणिका पुराण बांग्ला से हिन्दी अनुवाद 2019, डॉ. राजकुमार ‘सुमित्र’ द्वारा रचित आख्यान काव्य ‘नारी नदी या पाषाण हो तुम माधवी!’ का हिन्दी से बांग्ला अनुवाद. सम्पादन महामानव नानाजी देशमुख ( 2019), स्वातंत्र्यसमर में महाकोशल की नारी शक्तियाँ (2021). पुरस्कार/सम्मान-  संस्कृत अकादमी, दिल्ली द्वारा अखिल भारतीय प्रबन्ध लेखन पुरस्कार (2003, 2004), उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ द्वारा अखिल भारतीय साहित्य पुरस्कार (2005) तथा अखिल भारतीय शास्त्र पुरस्कार (2007), अखिल भारतीय भोज पुरस्कार (2012), अस्मिता साहित्य पुरस्कार बड़ोदरा (2015), मप्र हिन्दी लेखिका संघ, भोपाल द्वारा सूरज बा सकरी बा स्मृति पुरस्कार (2016), राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भोपाल द्वारा सैयद मिर्जा अली मीर पुरस्कार (2017), उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान-लखनऊ द्वारा कालिदास पुरस्कार (2021), श्रीजगन्नाथपुरी संस्कृत विवि, पुरी द्वारा साहित्य कला सम्मान (2011), अस्मिता महिला साहित्यिक मंच- बड़ोदरा द्वारा अस्मिता साहित्य सम्मान (2015), त्रिवेणी परिषद-जबलपुर द्वारा उषादेवी मित्रा अलंकरण (2015), म.प्र. प्राध्यापक संघ-जबलपुर द्वारा शिक्षक सम्मान (2015), संस्कृत विभाग-रांची विवि द्वारा शोध सम्मान (2016), माँ नर्मदा एजुकेशन एवं वेलफेयर सोसाइटी-जबलपुर द्वारा शोध सारथि सम्मान (2016), श्री संजीव दास स्मृति न्यास सम्मान -रायगढ़ (2016), विप्रकुल परिषद, तुलसी मानस प्रचार समिति-जबलपुर द्वारा शिक्षारत्न सम्मान, साहित्यभूषण सम्मान, साहित्य मण्डल-श्रीनाथद्वारा (2017), विश्ववाणी संस्थान- जबलपुर द्वारा  महीयसी अलंकरण (2018), महाकौशल पूर्व छात्र संगठन- जबलपुर द्वारा शिक्षक गौरव सम्मान (2019), गुंजनकला सदन- जबलपुर द्वारा ज्ञानप्रकाश सम्मान (2019), शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास-नई दिल्ली, भारत सेवाश्रम संघ- जबलपुर, मध्यप्रदेश राजभाषा प्रचार समिति – भोपाल, निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन-जबलपुर आदि संस्थाओं द्वारा अनेक सम्मान तथा पुरस्कार प्राप्त. विदेश यात्रा: नेपाल.  रुचियां: अध्ययन, अध्यापन, ईश्वर आराधना, संस्कृत साहित्य, विशेषतः वैदिक साहित्य में गहन शोध एवं जिज्ञासुओं का मार्गदर्शन, कविता, कहानी, ललित निबंध, समीक्षा, अनुवाद, शोधग्रंथ लेखन, निर्धन और जरूरतमन्दों की सहायता में आनन्द की अनुभूति. अन्य जानकारी: अध्यक्ष-कालिदास एकेडमी ऑफ संस्कृत, म्युज़िक एंड फाइन आर्ट्स-दिल्ली. संरक्षक – शक्ति महाकौशल –जबलपुर. संरक्षक सदस्य – त्रिवेणी परिषद-जबलपुर. सदस्य-भारत विकास परिषद जबलपुर. मानद सदस्य – प्राच्य विद्या सम्मेलन- कुरुक्षेत्र. पता: आदित्य कॉलोनी, नर्मदा रोड, जबलपुर -01. ई-मेल: narayandutt41@gmail.com

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