डॉ. आभा चौरसिया

जन्म: 15 अप्रैल, स्थान: इंदौर. माता: श्रीमती मधुबाला चौरसिया, पिता: श्री रामनारायण चौरसिया. शिक्षा: हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में बैचलर ऑफ़ म्यूज़िक (इंदिरा कला संगीत वि.वि. खैरागढ़), बीएससी (बायोलाजी साइंस-देवी अहिल्या वि.वि. इंदौर से), मास्टर ऑफ़ म्यूज़िक (हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत- इंदिरा कला संगीत वि.वि. खैरागढ़). एम.ए., एम.फिल (भारतीय स्वर संगीत) तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत विषय में पीएचडी (देवी अहिल्या वि.वि. इंदौर). व्यवसाय: शारदा संगीत कला अकादमी/शास्त्रीय गायन  करियर यात्रा: दस वर्ष की उम्र से अपनी बहन विभा के साथ संगीत की शिक्षा प्रारंभ की. बाद में प्रसिद्ध और सम्मानित संगीतकारों और गायकों (डॉ.शशिकांत तांबे, डॉ. लीलावती, डॉ. सुवर्णा वाड, स्वर्गीय पं. बालासाहेब जी पूछवाले, पंडित प्रभाकर गोहदकर, पंडित कमल कमले तथा श्रीमती कल्पना ज़ोकरकर आदि) से संगीत की विधिवत शिक्षा ग्रहण की. संगीत सम्राट अलादिया खान फेस्टीवल- मुंबई, इंडिया इन्टरनेशनल, लोक कला मंच दिल्ली, इंडिया इंटरकांटिनेंटल कल्चरल एसोसिएशन और प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़, भारत भवन भोपाल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल, जनजातीय संग्रहालय भोपाल, रविन्द्र भवन भोपाल, भारतीय विद्या भवन मुंबई, भातखंडे संगीत समारोह ग्वालियर, बाबा रामदास संगीत समारोह, जयपुर, थुरियाम संगीत समारोह केरल आदि जगह प्रस्तुति दे चुकी हैं. काफला इंटर-कॉन्टिनेंटल, चंडीगढ़ द्वारा प्रकाशित पुस्तक देव श्रुति एवं समकलिका संगीथम (भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित जर्नल) सहित विभिन्न पत्रिकाओं में लेख व शोध पेपर प्रकाशित. वर्तमान में डॉ. आभा उप शास्त्रीय संगीत की शिक्षा श्रीमती अदिति बनर्जी से प्राप्त कर रही हैं साथ ही शारदा संगीत कला अकादमी में शास्त्रीय संगीत और सुगम संगीत की शिक्षा दे रही हैं. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- चीन में आयोजित मोजिआंग ट्विन्स फेस्टिवल में प्रस्तुति, “राग की स्थापना में खयाल की रचनाओं की भूमिका और महत्व” विषय पर इनके द्वारा लिखित पुस्तक जर्मनी से प्रकाशित. “आकाशवाणी के युववाणी कार्यक्रम” में शास्त्रीय संगीत का प्रदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो की नियमित कलाकार, आईसीसीआर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की प्रतिष्ठित कलाकार. बहन विभा के साथ जुगलबंदी की रिकॉर्डिंग वर्ल्ड स्पेस रेडियो और वॉल्वरहैम्प्टन (यू.के.) के सुरतरंग रेडियो से प्रसारित, जुगलबंदी की रिकॉर्डिंग नियमित रूप से वेब रेडियो से प्रसारित होती है. काउंसिल ऑफ इंडिया, लखनऊ द्वारा ‘प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश’ के रूप में सम्मानित, निकुंज सेवा संस्थान वृंदावन द्वारा “शास्त्रीय संगीत रत्न” पुरस्कार, लता मंगेशकर प्रतियोगिता, इंदौर में पुरस्कृत. विदेश यात्रा: चीन. रुचियां: संगीत, ड्राइंग, किताबें पढ़ना और घूमना. अन्य जानकारी: परीक्षक -अखिल भारतीय गंधर्व महाविद्यालय मंडल मुंबई तथा राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय, ललित कला ग्वालियर. पूर्व प्रसिडेंट- संगीत महाविद्यालय, इंदौर, पता: 8/1, रेस कोर्स, रोड इंदौर-03. ई-मेल: abha@abhavibha.com

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