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झाबुआ की शुभदा भोंसले गायकवाड़ बनीं देश की सबसे युवा महिला अंपायर

झाबुआ की शुभदा भोंसले गायकवाड़ बनीं देश की सबसे युवा महिला अंपायर

छाया: पत्रिका

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झाबुआ की शुभदा भोंसले गायकवाड़ बनीं देश की सबसे युवा महिला अंपायर

अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही मध्यप्रदेश की शुभदा 

भोपाल। मध्यप्रदेश की रहने वाली शुभदा भोंसले गायकवाड़ ने खेलत जगत में नया मुकाम हासिल किया है। शुभदा भोंसले देश की सबसे यंग महिला अंपायर बन गई हैं। ओमान में चल रही लीजेंड क्रिकेट लीग में शुभदा अंपायरिंग कर रही हैं। शुभदा भोंसले गायकवाड़ झाबुआ के थांदला कॉलेज में खेल अधिकारी हैं। शुभदा के साथ इस क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और हांगकांग की महिला अंपायर भी अंपायरिंग कर रही हैं जिनमें शुभदा सबसे ज्यादा यंग हैं।

देश की सबसे यंग महिला अंपायर शुभदा भोंसले गायकवाड़ इन दिनों ओमान में चल रही लीजेंड क्रिकेट लीग में अंपायरिंग कर रही हैं। बता दें कि लीजेंड क्रिकेट लीग में तीन टीमें हिस्सा ले रही हैं जिनमें इंडिया महाराजा, एशिया लॉयन और वर्ल्ड जॉइंट शामिल हैं। इन तीनों टीमों में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके देश विदेश के दिग्गज क्रिकेटर खेल रहे हैं। बता दें कि इंडियन महाराजा क्रिकेट टीम के कप्तान मोहम्मद कैफ हैं और टीम में युवराज सिंह, वीरेन्द्र सहवाग, यूसुफ पठान, इरफान पठान जैसे पूर्व दिग्गज क्रिकेटर शामिल हैं। वहीं अगर विदेशी खिलाड़ियों की बात की जाए तो पाकिस्तान के शोएब अख्तर, शाहिद अफरीदी, मिस्बाह उल हक, मोहम्मद यूसुफ और इंग्लैड के केविन पीटरसन, श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन, तिलकरत्ने दिलशान, साउथ अफ्रीका के हर्षल गिब्स जैसे अन्य दिग्गज खिलाड़ी भी इस लीग का हिस्सा हैं।

इंडिया महाराजा और एशिया लाइन मैच से की शुरुआत

शुभदा भोंसले चौहान ने लीजेंड क्रिकेट लीग के 20 जनवरी को खेले गए इंडिया महाराजा और एशिया लॉयन मैच के दौरान अंपायरिंग की। बता दें कि इस टूर्नामेंट में महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए चार महिला अंपायर अंपायरिंग कर रही हैं। प्रतियोगिता में 6 मैच खेले जाएंगे। हर टीम एक-दूसरे के साथ दो मैच खेलेगी, उसके बाद फाइनल होगा।

पिता को बेटी पर गर्व

शुभदा के पिता को उन पर गर्व है। उनके मुताबिक वो क्रिकेट खिलाड़ी भी रही हैं, लेकिन हमेशा मैदान में बने रहने के लिए अम्पायर बनी है। थांदला कॉलेज के प्राचार्य भी शुभदा पर गर्व करते हैं। थांदला कॉलेज को शुरू हुए 38 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक यहां खेल अधिकारी का पद खाली था। पहली नियुक्ति शुभदा भोंसले के रूप में हुई है।

सन्दर्भ स्रोत- पत्रिका

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