ज्योति विश्वकर्मा

जन्म: 20 सितंबर, स्थानः सागर (म.प्र.). माता: श्रीमती विमला, पिता: श्री गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा. जीवन साथी: श्री मोहन प्रसाद विश्वकर्मा. संतान: पुत्र- 01, पुत्री -01. शिक्षा: स्नातक. व्यवसायः– स्वतंत्र लेखन. करियर यात्रा: वर्ष 2017 से लेखन कार्य में संलग्न. उपलब्धियां/सम्मान: विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा रचनात्मक योगदान के लिये ‘हिन्दी सेवी सम्मान’ (2017), विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा राष्ट्र भाषा हिन्दी प्रचार प्रसार योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट काव्य सृजन के लिए ‘काव्य श्री सम्मान’ (2018),  विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा ‘श्रेष्ठ युवा रचनाकार सम्मान’ (2018), विश्व हिन्दी लेखिका मंच द्वारा ‘एक्सीलेंट लेडी पुरस्कार’ (2018), बिलासा सम्मान (2018 बिलासपुर, छग), इण्डो कनाडा सम्मान- नई दिल्ली, हरिद्वार साहित्य महोत्सव कांगड़ी विवि, गुरुकुल द्वारा सम्मानित, अंतरा शब्दशक्ति सम्मान (2019 नई दिल्ली), अटल साहित्य सम्मान (2019 भोपाल), लक्ष्मी बाई मेमोरियल सम्मान (2019 भोपाल), नीरज काव्य महोत्सव में प्रतिभाशाली रचनाकार सम्मान (2019),  वागेश्वरी साहित्य संस्था दिल्ली द्वारा    द्वितीय वागेश्वरी साहित्य उत्कृष्ट महिला सम्मान (2019), मध्य प्रदेश लेखक संघ, सागर (म.प्र.) द्वारा सम्मानित (2019). उज्जैन व्यंग्य महोत्सव (2021), मुझे मेरा हक दो ‘एक गूंज’ सम्मान समारोह (2021) तथा संपर्क क्रांति परिवार राष्ट्रीय महिला शिखर सम्मेलन (2022) में सम्मानित. प्रकाशन- ‘मैं कहां हूँ (काव्य संग्रह), हम्म्म तथा काव्य संग्रह ‘सुनो’ शीघ्र प्रकाश्य. हिन्दी सागर पत्रिका एवं भारत के युवा कवि कवयित्री पुस्तक तथा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित. रुचियां: लिखना-पढ़ना, समाज सेवा. बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ के लिए प्रोत्साहित करना. अन्य जानकारी: साहित्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी, मुझे मेरा हक दो ‘एक गूंज’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष. पता: विद्यापुरम, मकरोनिया, सागर -04. ई-मेल: jyotivishwakarma261@gmail.com

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