ज्योति जैन

जन्म: 21 अगस्त, स्थान: मंदसौर. माता: अन्नपूर्णा तिवारी, पिता: श्री मोहन लाल तिवारी. जीवन साथी: श्री शरद जैन. शिक्षा: स्नातक (जी.डी.सी. इन्दौर). व्यवसाय: अतिथि व्याख्याता (डिज़ाइन, मीडिया व मैनेजमेंट कॉलेज). करियर यात्रा: आरम्भिक शिक्षा मन्दसौर में हुई. बाद में  स्कूल और कॉलेज की पूरी शिक्षा इन्दौर से हुई. पढ़ाई के साथ-साथ आकाशवाणी में कैजुअल अनाउंसर के तौर पर कार्य किया. लघुकथा, कहानी, कविता, उपन्यास, निबंध, समीक्षाओं का निरंतर लेखन, अहा ज़िन्दगी, फेमिना, विभोम स्वर, समावर्तन, कथाबिंब, रविवार आदि पत्रिकाओं व समाचार पत्रों में रचनाएं प्रकाशित, आकाशवाणी से वार्ताओं का प्रसारण. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- तीन लघुकथा संग्रह- जलतरंग. बिजूका, निन्यानवे का फेर. तीन कहानी संग्रह- भोरवेला, सेतु व अन्य कहानियां व नजरबट्टू. तीन कविता संग्रह- मेरे हिस्से का आकाश, माँ-बेटी व जेब में भरकर सपने सारे. एक- उपन्यास, एक- आलेख संग्रह व एक- यात्रा वृत्त. दो लघुकथाएं महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड के कक्षा नौ के पाठ्यक्रम तथा चार लघुकथाएं बी.ए.द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम में शामिल. लघुकथाकार श्रंखला “पड़ाव और पड़ताल” में लघुकथाएं शामिल. संपादन- इंडियन सोसायटी ऑफ ऑथर्स तथा वामा साहित्य मंच के पाँच विभिन्न संग्रहों का सम्पादन. सम्मान- हिंदी दिवस पर हिंदी लेखन हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सम्मान (2007), लघुकथा परिवार द्वारा “सृजनशिल्पी” अलंकरण सम्मान (2010), शिक्षा साहित्य कला विकास समिति – श्रावस्ती (उ.प्र.) द्वारा श्रीमती शारदा देवी पाण्डे स्मृति सम्मान (2010) “हम सब साथ-साथ” (दिल्ली) द्वारा जलतरंग हेतु लघु कथाकार सम्मान, रंजन कलश (भोपाल) द्वारा “माहेश्वरी सम्मान”, “विश्व पुस्तक दिवस” पर देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय, इंदौर द्वारा सम्मान (2011-12) व (2013-14), मध्य प्रदेश लघु कथाकार परिषद् (जबलपुर) द्वारा “अखिल भारतीय कथा सम्मान”, “नारी अस्मिता” बड़ौदा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में लघुकथा पुरुस्कृत, “साहित्य कलश” इंदौर द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान, अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता (कुमुद टिक्कू स्मृति- जयपुर) में प्रथम पुरुस्कार, “बिजूका” हेतु कृति कुसुम सम्मान (2013), हिमाक्षरा नारी गौरव सम्मान (वर्धा- 2013), शब्द प्रवाह (उज्जैन) द्वारा अ.भा. शब्द विभूषण साहित्य सम्मान (2014), प्रेमचन्द्र सृजनपीठ (म.प्र. संस्कृति परिषद्-संस्कृति विभाग भोपाल) द्वारा कर्मभूमि सम्मान (2016-17), हिन्दी लेखिका संघ म.प्र. द्वारा ‘‘श्रीमती अंजना मगरे स्मृति सम्मान’’ (2019), भारतीय वांग्मय पीठ कोलकाता द्वारा- ‘‘गुरुदेव रविन्द्रनाथ ठाकुर सारस्वत सम्मान’’, ढींगरा फाउण्डेशन अमेरिका व शिवना प्रकाशन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय शिवना कृति सम्मान (2019), 2018 में पूना कॉलेज में ‘‘हिन्दी लघुकथा के विविध आयाम’’ (अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी) में वक्ता. विदेश यात्रा: भूटान, थाईलैंड, दुबई, मान सरोवर यात्रा. रुचियां: अच्छा साहित्य पढ़ना, कला (मांडना बनाना). अन्य जानकारी: शिक्षा के दौरान साहित्यिक प्रतियोगिता में विजेता, एन.सी.सी. एयरविंग की केडेट, पारम्परिक माँडना कलाकार, प्रतिष्ठित साहित्य संगठनों की सदस्य, समाज के पिछड़े वर्ग के लिए सतत सक्रिय. साझा संकलन- कृति-आकृति, लघुकथा अभिव्यक्ति, सरस्वती सुमन, आधुनिक हिंदी लघुकथाएं आदि. अनुवाद- कहानी व लघुकथा – गुजराती, मराठी, पंजाबी व तेलुगु में अनुवादित, लघुकथा संग्रह-  मराठी, बांग्ला व अंग्रेजी में व कहानी संग्रह सेतु मराठी में अनुवादित. शोध- पूना कॉलेज हिन्दी विभागाध्यक्ष द्वारा लघुकथाओं पर शोध पत्र. महाराष्ट्र में विद्यार्थी द्वारा ज्योति जैन के साहित्य में जीवन मूल्य विषय पर पीएचडी. शोध पत्र. महाराष्ट्र में विद्यार्थी द्वारा ज्योति जैन के साहित्य में जीवन मूल्य विषय पर पीएचडी. पता: 1432/24, नन्दानगर, इन्दौर -11 (म.प्र.). ई-मेल: jyotijain128@gmail.com

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