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ग्राम पंचायतों में आधी आबादी का दबदबा

ग्राम पंचायतों में आधी आबादी का दबदबा

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ग्राम पंचायतों में आधी आबादी का दबदबा

112 ग्राम पंचायतों में से 75 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच

भोपाल। मध्य प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं का दबदबा देखने को मिल रहा है। अभी तक 112 ग्राम पंचायतों में निर्विरोध सरपंच और पंचों का चुनाव हुआ है। जिन ग्राम पंचायतों में निर्विरोध चुनाव हुआ है, उनमें 75 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच चुनी गई हैं।

उल्लेखनीय है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जनता से निर्विरोध चुनाव कराने की अपील की थी. इसके लिए सरकार की तरफ से इनाम देने का भी ऐलान किया गया था कि जिस ग्राम पंचायत में यदि सरपंच निर्विरोध चुना जाता है तो उस ग्राम पंचायत को 5 लाख रुपए की मदद मिलेगी. दूसरी बार लगातार निर्विरोध चुने जाने पर 7 लाख, सरपंच और सभी पंचों के निर्विरोध चुने जाने पर 7 लाख रुपए की मदद मिलेगी. जिस ग्राम पंचायत में सभी पदों पर महिलाओं को जीत मिलती है, तो उस ग्राम पंचायत को सरकार 12 लाख और सभी महिलाएं निर्विरोध चुने जाने पर 15 लाख रुपए मिलेंगे। सरकार की इस पहल का ही नतीजा है कि राज्य की कई ग्राम पंचायतों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। 

• आदमपुर छावनी पंचायत में 22 साल की बहू बनी निर्विरोध सरपंच

राजधानी भोपाल से 10 कि.मी. दूर आदमपुर छावनी पंचायत में पहली बार सरपंच और 20 पंच निर्विरोध चुने गए। 22 साल की कृष्णा रावत सरपंच चुनी गई हैं। उन्होंने एम.ए. की डिग्री हासिल की है। कृष्णा की डेढ़ साल पहले ही शादी हुई। अब तक घर में चौका-चूल्हा संभाल रही थीं, अब पूरी पंचायत की कमान अपने हाथ में लेंगी। भोपाल के फंदा जनपद की आदमपुर छावनी की आबादी करीब 4 हजार है। भोपाल से जुड़ी होने से यह पंचायत कई मुद्दों को लेकर चर्चा में रहती है। इस बार यह निर्विरोध और महिला पंच-सरपंच के चुने जाने से सुर्खियों में आ गई है। इस पंचायत में अब  पंच-सरपंच सभी महिलाएं होंगी, सभी निर्विरोध चुनी गईं। पिछली बार सगुनबाई सरपंच थीं, लेकिन पंचों में पुरुष भी शामिल रहे थे। पिछले चुनाव में यहां वोटिंग हुई थी।

• प्रेमरानी चढ़ार ग्राम पंचायत मोकलपुर की सरपंच

दूसरी और सागर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मोकलपुर में भी महिला सरकार बनी हैं। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच और 20 पंच महिलाओं को निर्विरोध चुना है। ग्राम पंचायत मोकलपुर में सरपंच पद महिला एससी वर्ग के लिए आरक्षित हुआ था। जिसके बाद गांव के लोगों ने प्रेमरानी चढ़ार को सरपंच बनाने का निर्णय लिया। वहीं गांव के 20 वार्डों में महिलाओं को ही पंच चुनने पर सहमति जताई। इसके बाद सरपंच और 20 पंच के पदों के लिए एक-एक नामांकन जमा हुआ और मोकलपुर गांव सागर जिले की पहली महिला ग्राम पंचायत बन गई है।

• छिंदवाड़ा जिले की तीन पंचायत में निर्विरोध निर्वाचन

आदिवासी अंचल की तीन पंचायतों में पंच से लेकर सरपंच पद तक सभी पर महिलाओं का राज रहेगा, जिसमें परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई दो पंचायत जबकि बिछुआ ब्लाक की एक पंचायत शामिल है। जिन पंचायतों में महिलाओं का राज होगा, यहां न सिर्फ सरंपच बल्कि पंच के पदों पर महिलाओं को निर्विरोध चुनकर ग्रामीणों ने रिकॉर्ड कायम कर लिया। तामिया अंचल के दूरस्थ छोर पर बसे ग्राम पंचायत हिर्री पठार के आश्रित गांव मोहलीमाता को इस बार परिसीमन के बाद पंचायत का दर्जा मिला है। इस ग्राम पंचायत में इसवती कवरेती का नाम सरपंच के लिए है, जबकि पंच के लिए मालती बारसिया, सुष्मिता डेहरिया, नीमा मर्सकोले, सिरनिया कवरेती, किसनवती उइके, राजकुमारी कवरेती, सुमेस कवरेती, शीला वरकड़े, पंचवती कवरेती और सुखबरिया परतेती के नाम शामिल हैं। वहीं आदिवासी बाहुल्य घानाकोडिया में सरपंच से लेकर पंच तक सभी पदों पर महिलाओं के नाम है। सरपंच के लिए रामवती बाई और पंच के लिए बालवती, बसंती, सुरतिया, ललिता, सुशीला, सुमन, आशा, अनिता, प्रमिला, फूलवती के नाम हैं। जिले के बिछुआ जनपद की आदिवासी बाहुल्य इलाके की लोहारबतरी ग्राम पंचायत में दो गांव की पंचायत है ।इसकी आबादी 1041 है। इस वर्ष हुए आरक्षण में लोहारबतरी ग्राम पंचायत महिला के लिए आरक्षित हुई थी। ग्रामीणों ने आपसी सहमति बनाकर यहां भी सरपंच से लेकर पंच के 12 पदों पर महिलाओं को निर्विरोध चुना है।

• कुमकुम लोधी संभालेंगी सिरसौदा पंचायत की बागडोर

रायसेन की सांची विधानसभा की सिरसौदा पंचायत ने नया इतिहास रचा है। जिले में पहली बार पूरी पंचायत निर्विरोध और महिलाओं के हवाले कर दी है। सिरसौदा गांव से 39 साल की कुमकुम लोधी को निर्विरोध सरपंच चुना गया है जो स्नातक तक पढ़ी लिखी है। सिरसौदा पंचायत में सरपंच सहित सभी पंच निर्विरोध रहे हैं। सभी महिलाएं हैं।

ग्राम पंचायत आमल्याहाट में सौरमबाई बनेंगी सरपंच

राजगढ़ जिले के ब्यावरा की जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत आमल्याहाट में पंच से लेकर सरपंच तक सभी निर्विरोध चुने गए। खास बात यह है कि सभी महिलाएं ही पदाधिकारी बनने जा रही हैं।इन पदों के लिए सिर्फ एक-एक नामंकन पत्र ही अंतिम दिन तक जमा हुए।  यहां ब्यावरा विधायक रामचंद्र दांगी के छोटे भाई गोवर्धन दांगी की पत्नी सौरमबाई सरपंच का दायित्व संभालेंगी।

नवादपुरा में पंच-सरपंच के लिये एक एक नामांकन

धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम नवादपुरा ने पंचायत चुनाव में सरपंच व सभी दस पंच पद के लिए एक-एक महिला ने नाम निर्देशन पत्र जमा किया है। इससे सभी का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। जो महिलाएं इन 11 पदों के लिए चुनी गई हैं, उनकी औसत उम्र 42 साल है। ऐसे में यह भी कहा जा सकता है कि नवादपुरा युवा महिला पंचायत बनेगी। यहां सरपंच पद के लिए अजजा महिला 37 वर्षीय सोनाबाई बद्रीलाल ने नामांकन दाखिल किया। जबकि पंच के 10 पदों में से पांच पर अजजा महिला, तीन पर अजा महिला व तीन पर पिछड़ा वर्ग महिलाओं ने नामांकन दाखिल किया है।

संदर्भ स्रोत –दैनिक भास्कर, नई दुनिया, पत्रिका 

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