क्षमा उर्मिला कुलश्रेष्ठ

जन्म: 1 जनवरी, स्थान: भोपाल.  माता: उर्मिला कुलश्रेष्ठ. पिता: के.के. कुलश्रेष्ठ. शिक्षा: एम.ए. (फाइन आर्ट्स). व्यवसाय: स्वतंत्र चित्रकार, मूर्तिकार, कवयित्री, ग्राफिक्स डिजाइनर, एनिमेटर आदि. करियर यात्रा: 1500 से अधिक कविताओं का लेखन, देश-विदेश में अनेक स्थानों पर चित्रकला प्रदर्शनियां आयोजित. ढाई वर्ष की उम्र से पेंटिंग करना शुरू किया. बचपन में पेंटिंग की अनेक प्रतियोगिताएं  जीतीं, लेकिन 1998 क्षमा के लिए अभिशाप बनकर आया और अचानक एक हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई. पैरों की संवेदना भी खत्म हो गयी, डॉक्टरो ने भी जवाब दे दिया, लेकिन क्षमा का साहस और जज्बा ही था कि रीढ़ की हड्डी के दर्जनों ऑपरेशन होने के बाद भी उन्‍होंने हिम्मत नहीं हारी. स्वामी विवेकानन्द द्वारा लिखित पुस्तक “लेक्चर्स फ्रॉम कोलम्बो टू अल्मोढ़ा” ने उनके जीवन के प्रति दृष्टिकोण को बदल दिया. इन्होंने डॉक्टर्स की भविष्यवाणी को झुठलाते हुए अपने मनोबल, रचनात्मकता और उर्जा से उपलब्धियां हासिल कर सभी को चकित कर दिया. उपलब्धियां/पुरस्कार: भोपाल दूरदर्शन के कवि सम्मेलन में भागीदारी, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित कलाकार. नेशनल क्रिएटिविटी प्रसिडेंट अवार्ड (2008), मास्टर पीस पेंटिंग अद्भुत (इसमें इन्होंने 5 फीट लंबे एवं तीन फीट चोड़े कैनवास पर गणेशजी के विभिन्न रूपों में 1248 चित्र  बनाये थे) को 2009 में लिम्का वर्ल्ड रिकार्ड में स्थान. चित्रकारी के लिए करीब 100 से अधिक पुरस्‍कार, दिल्ली में भारत सरकार द्वारा आयोजित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा निशक्त जनसशक्तिकरण के लिए पुरस्‍कृत. अखिल भारतीय कुलश्रेष्ठ समाज द्वारा कुलश्रेष्ठ रत्न से सम्मानित. शशि कपूर द्वारा नेशनल एबिलिम्पिक अवार्ड से सम्मानित, स्टूडियो एस अवार्ड (2003), संस्कार उत्सव समिति द्वारा सम्मान (2012), दैनिक भास्कर द्वारा विमेन ऑफ़ दि ईयर अवार्ड (2010), 8वीं इन्टरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ़ IAPC में प्रथम स्थान, महिला बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में क्रमशः द्वितीय 2002 एवं 2003 में प्रथम पुरस्कार सहित अनेकों सम्मान व पुरस्कार प्राप्त. विदेश यात्रा: विदेश यात्रा नहीं की है, लेकिन इनकी पेंटिंग एग्जीबिशन दुबई, लंदन अमेरिका आदि स्थानों पर लग चुकी हैं. रुचियां: पेंटिंग, स्केचिंग, कविताएं लिखना, बुक्स पढ़ना. संगीत सुनना, स्कल्पचर्स एंड एनिमेशन फिल्म बनाना. अन्य जानकारी: क्षमा कवितायेँ और कहानियां भी लिखती हैं. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम को अपना रोल मॉडल मानने वाली क्षमा ने डॉक्टर कलाम के लिए ‘एक इंसान अग्नि के समान’ कविता भी लिखी. रंगों को अपना पूरा जीवन समर्पित कर चुकी क्षमा उन निशक्त लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो दुर्घटना के बाद निराश हो जाते हैं. पता: 18/13, शालीमार एन्क्लेव, अरेरा कॉलोनी भोपाल. ई-मेल: Bittispinkflower@gmail.com

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