आकांक्षा पारे काशिव

जन्म: 18 दिसंबर, स्थान: जबलपुर, (म.प्र.) माता: श्रीमती मनोरमा पारे, पिता: डॉ. दामोदर प्रसाद पारे. जीवन साथी:  श्री आनंद स्वरूप. संतान: पुत्र -01. शिक्षा बी.एस.सी (जीवविज्ञान), एम.ए. (पत्रकारिता). व्यवसाय: आउटलुक पत्रिका में सहायक संपादक. करियर यात्रा: प्रसिद्ध साहित्यिक पत्रिका वागर्थ के नवलेखन अंक में पहली बार कविताएं प्रकाशित. समरलोक, कथाचक्र, नया ज्ञानोदय, हंस, दैनिक भास्कर, नई दुनिया, इंडिया टुडे,  इंद्रप्रस्थ भारती आदि में कविताएं, कहानियां प्रकाशित. जर्मनी के ट्यूबिंगन वि.वि. के कर्मेंदु शिशिर शोधागार द्वारा निर्मित साहित्यिक वीडियो पत्रिका साझा में कविताएं. हिंदी अकादमी, साहित्य अकादमी, दिल्ली में कविता पाठ. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के प्रतिष्ठित कार्यक्रम श्रुति में एकल कहानी पाठ एवं पलाश के फूल कहानी का मंचन. भारत भवन भोपाल के कार्यक्रम वागर्थ-युवा -2 में कहानी पाठ. उपलब्धियां/पुरस्कार: प्रकाशन- संवेद पत्रिका द्वारा कविताओं पर “एक टुकड़ा आसमान” शीर्षक से पुस्तिका प्रकाशित, राजकमल प्रकाशन से कहानी संग्रह “तीन सहेलियां तीन प्रेमी”  प्रकाशित, सामयिक प्रकाशन से दूसरा कहानी संग्रह “बहत्तर धड़कनें तिहत्तर अरमान” प्रकाशित, राजपाल एंड संस से तीसरा कहानी संग्रह “पिघली हुई लड़की” प्रकाशित. सम्मान- इंदौर में प्रभाष जोशी स्मृति न्यास द्वारा “पत्रकारिता सम्मान”, संडे इंडियन की हिंदी पत्रिका के साहित्य अंक 111 महिला लेखिकाओं में स्थान, 14वां “रमाकांत कथा स्मृति सम्मान” (2011),  “इला-त्रिवेणी सम्मान” (2012), शिफ्ट, डिलीट सन 2014 की सबसे चर्चित कहानी, इसी कहानी पर राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान, पत्रकारिता के लिए “श्याम धर सम्मान” (2015), “बहत्तर धड़कनें, तिहत्तर अरमान” पुस्तक के लिए “कृष्ण प्रताप सम्मान” (2018). विदेश यात्रा: बांग्लादेश, नेपाल. रुचियां: पढ़ना, घूमना. पता: आकांक्षा पारे काशिव, 605, महागुन मोजेक, फेज -1, सेक्टर-4, वैशाली, वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास, गाजियाबाद-10. ई-मेल: akpare@gmail.com

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