अर्चना अग्रवाल

जन्म: 30 जुलाई, स्थान: जबलपुर. माता: श्रीमती राजेश्वरी, पिता: स्व. श्री दीनदयाल गुप्ता. जीवन साथी: श्री बालकृष्ण अग्रवाल. संतान: पुत्र -01, पुत्री -01. शिक्षा: बीएचएससी, बी.एड. व्यवसाय: सामाजिक कार्यकर्ता, संस्थापक- ललितपुर जागरूकता अभियान’, संरक्षक- ललितपुर जागरूकता अभियान’. करियर यात्रा: वर्ष 2013 से सामाजिक कार्यों में संलग्न. वर्ष 2015 में ‘ललितपुर जागरूकता अभियान’ संस्था और वर्ष 2016 में ‘अन्नपूर्णा सेवा संघ’ की स्थापना. उपलब्धियां/पुरस्कार: जल संरक्षण हेतु जिला और राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों में जिलाधिकारियों द्वारा सम्मानित, ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में वर्ष 2017 में छत्तीसगढ़ में सम्मानित, 2019 में बांदा जिलाधिकारी द्वारा जल संरक्षण हेतु राज्य स्तर पर सम्मानित, ललितपुर जिले में जिला स्तर पर स्वच्छता प्रहरी के रूप में सम्मान (2016, से 2019 तक हर वर्ष). रुचियां: कविताएं लिखना, प्रकृति के अनेक रूपों को कैमरे में कैद करना, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों को बहुत करीब से और बारीकी से देखना. अन्य जानकारी: ‘ललितपुर जागरूकता अभियान’ संस्था के माध्यम से बेटियों की शिक्षा हेतु अभिभावकों को जागरूक करना, स्वच्छता, नशा मुक्ति, जल संरक्षण आदि बिंदुओं पर समाज में विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु प्रयासरत. स्वच्छता के लिए वार्डों में जाकर लोगों को समझाना, विद्यालयों में छात्र-छात्राओं और उनके सहयोग से अभिभावकों को जागरूक करना. विद्यालयों में स्वच्छता एवं सामाजिक विसंगतियों से अवगत कराने हेतु वाल पेंटिंग के कार्य, स्वच्छता शपथ, शहर की सार्वजनिक दीवारों को श्रमदान (वारली आर्ट, फ्री हैंड चित्रकारी, बुंदेली लोक कला) द्वारा खूबसूरत बनाया. जल संरक्षण हेतु जिले के ऐतिहासिक तालाबों को श्रमदान द्वारा स्वच्छ किया, तालाबों में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई. मूर्ति विसर्जन हेतु प्रशासन से अलग विसर्जन कुंड का निर्माण करवाया. संस्था के प्रयासों से ललितपुर शहर के मध्य स्थित ऐतिहासिक सुम्मेरा तालाब का जीर्णोद्धार हुआ. आज सुम्मेरा तालाब के सभी घाट पक्के हो गए हैं. सुम्मेरा तालाब के चारों तरफ भ्रमण परिपथ (जो पहले कचरा घर में तब्दील था) श्रमदान कर संस्था सदस्यों द्वारा सुंदर स्वरूप प्रदान किया गया. संस्था के प्रयासों से भ्रमण परिपथ में सुंदर लाइटिंग नगर पालिका द्वारा करवाई गई. ऐतिहासिक जलीय धरोहर का महत्व समझाने हेतु कई जागरूकता अभियान चलाए साथ ही कार्तिक पूर्णिमा पर देवदीपावाली और सुम्मेरा आरती का आयोजन आरंभ किया गया. जिसके तहत सुम्मेरा तालाब के सभी ग्यारह घाटों पर दीप प्रज्वलित किए गए. प्रथम वर्ष ही लगभग 10 हजार दीप प्रज्वलित किए. इस आयोजन में न सिर्फ आमजन बल्कि तत्कालीन सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे. यहीं से इनके प्रयास सफल होने शुरू हुए. तालाब में जगह-जगह नवरात्रि में जवारा विसर्जन होता था, लोगों को जागरूक करते हुए सिर्फ एक घाट में विसर्जन हेतु तैयार किया. विसर्जित जवारों को इकट्ठा कर कंपोस्ट खाद का बनवाया  और उसे ‘दिव्य खाद’ नाम दिया. ‘अन्नपूर्णा सेवा संघ’ के माध्यम से प्रतिदिन करीब 3 सौ लोगों को सुबह-शाम ललितपुर के जिला अस्पताल के मरीजों, उनके परिजनों और जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन कराया जाता है. अर्चना जी और बालकृष्ण जी इस संस्था के संरक्षक हैं. शुरुआत में इन्होंने अपने घर से लगभग एक वर्ष तक भोजन शाला का संचालन किया. पता: 812-आज़ादपुरा, ललितपुर (उप्र.). ई-मेल: archana.bkagrawal@gmail.com

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