अनघा पॉल

जन्म: 28 सितम्बर, स्थान: ग्वालियर. माता: श्रीमती उमा शिंदे, पिता: श्री संभाजीराव शिंदे. जीवन साथी: सुजय पॉल. संतान: पुत्र -01, पुत्री -01. शिक्षा: एम.ए., एल.एल.बी., एम.एस.डब्ल्यू. व्यवसाय: सामाजिक कार्यकर्ता/संस्थापक सचिव –‘रिसायकल टू सेव रिसोर्सेज फाउंडेशन’. करियर यात्रा: समाज में जरूरतमंद लोगों की मदद करना बचपन से ही संस्कारों में शामिल था. 2003 से निजी स्तर पर जरूरतमंद लोगों की मदद करना आरंभ किया. निर्धन छात्रों के लिए ट्यूशन फीस का भुगतान, कुपोषण ग्रस्त गर्भवती महिलाओं को राशन मुहैया कराना, बच्चों में कुपोषण रोकने के लिए माताओं का मार्गदर्शन करना, टी.बी. जैसी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना, उन्हें दवा लेने के लिए प्रेरित करना आदि. कुछ ही वर्षों के अनुभव ने सिखाया कि प्रभावी ढंग से समाज सेवा करना हो, तो इसका विधिवत ज्ञान होना आवश्यक है. इसीलिए इग्नू से मास्टर इन सोशल वर्क की डिग्री हासिल की. लगभग 13 वर्ष के निजी स्तर पर किए गए समाज कार्य के बाद अक्टूबर 2016 में सरकारी गैर लाभकारी संस्था ‘रिसायकल टू सेव रिसोर्सेज फाउंडेशन’ की शुरुआत की. इसके माध्यम से लोगों के इस्तेमाल किये गए कपड़े एकत्र कर कई उद्देश्यों की पूर्ति की जाती है- जैसे महिलाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास प्रदान करने के लिए अनुपयोगी वस्त्र/सामग्री का कच्चे माल के रूप में उपयोग किया जाता है. पुराने कपड़े जो पहनने लायक हों, उन्हें शासकीय एजेंसियों जैसे आंगनबाड़ी वन विभाग, विधिक सेवाएं आदि के माध्यम से समाज के जरुरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है. पुराने मुलायम सूती कपड़ों से नवागत किट बनाई जाती है. इस किट में नवजात शिशु के लिए जबले, लंगोटियां, टोपियां, रुमाल, ओढ़ना, बिछौना और साथ में साबुन की दो बट्टियां भी होती हैं. नवागत किट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में पैदा होने वाले शिशुओं के लिए सरकारी अस्पतालों में निशुल्क वितरित की जाती है. कुपोषण रोकने हेतु प्रयास: विनोबा भावे अन्नदान संकल्प- गांधीवादी विचारक विनोबा भावे के सर्वोदय पात्र से प्रेरणा लेकर गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं और लंबी बीमारियों से पीड़ित रोगियों के लिए सूखा राशन एकत्र करने के लिए एक सामूहिक अभियान शुरू किया. इस अभियान के तहत सभी नागरिकों को प्रेरित किया जाता है कि वह अपने आसपास की कुपोषित गर्भवती महिलाओं और बच्चों को खाद्यान्न देकर उन्हें कुपोषण की  अवस्था से बाहर लाएं. इस अभियान से कई लोग जुड़े हैं. उपलब्धियां/सम्मान: रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा कोविड वारियर 2020 सम्मान. महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में: महिलाओं व किशोरियों को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया· कुछ महिलाओं को सिलाई मशीन देकर पूर्णत: आत्मनिर्भर बनाया. मासिक धर्म प्रबंधन के क्षेत्र में: डिस्पोजेबल सेनेटरी पैड से होने वाले प्रदूषण तथा महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए कपड़े से बने दो तरह के पुन: प्रयोज्य (रीयूजएबल) सेनेटरी पैड डिजाइन किए तथा उनका उत्पादन एवं वितरण आरंभ किया. वर्ष 2019 में नई दिल्ली में हुए देश के प्रथम मासिक धर्म प्रबंधन सम्मेलन में संस्था के उत्पाद इको स्त्री सेनेटरी नैपकिन का प्रदर्शन किया तथा सम्मेलन को संबोधित किया. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में: संस्था के माध्यम से अब तक लगभग 2000 किलोग्राम अनुपयोगी वस्त्र इकट्ठा कर उपयोग में लाए जा चुके हैं. अन्य जानकारी: कोविड-19 के दौरान संस्था द्वारा लगभग 8000 प्रवासी श्रमिकों को जबलपुर से गुजरने वाले राजमार्गों पर सत्तू शक्कर, नमकीन, बिस्किट पानी की बोतलें आदि वितरित किए गए. शोध एवं लेखन: स्नातक़ोत्तर उपाधि के लिए शोध प्रबंध- ‘कृत्रिम रेशे से बने डिस्पोजेबल नैपकिन के विकल्प के रूप में, पर्यावरण अनुकूल, त्वचा अनुकूल, देशज एवं स्वदेशी सूती कपड़े से बने सैनिटरी पैड- सामाजिक परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन’ (‘A Study on use of fabric sanitary napkin as a sustainable, eco friendly, skin friendly, indigenous and swadeshi alternative for synthetic disposable napkins, with social perspective’). इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर, इनके संगठन ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में प्रवेश किया तथा दो प्रकार के सैनिटरी नैपकिन – इको-स्त्री फोल्ड स्टाइल और इको-स्त्री पैंटी लाइनर का निर्माण किया. यह गतिविधि सतत विकास की अवधारणा के लक्ष्य 6 के  अंतर्गत आती है और स्वच्छ भारत अभियान का महत्वपूर्ण भाग है. सतत विकास की अवधारणा पर अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन स्प्रिंगर  एनसाइक्लोपीडिया में ‘Sustainable Production Practices to Address Climate Change’ विषय पर आलेख. स्प्रिंगर एनसाइक्लोपीडिया ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में सहायक संपादक के रूप में कार्य किया. विदेश यात्रा: कनाडा. रुचियां: पढ़ना, कविताएँ लिखना, पेंटिंग, बागवानी. कुकिंग, कढ़ाई, सिलाई आदि. पता: 345, गुप्तेश्वर वार्ड, बंगाली काली बाड़ी, जबलपुर -01, म.प्र. ई-मेल: noniarts@gmail.com

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